Samagra Bharat News website

कर्तव्य पथ पर हुआ पहली बार ‘दिव्य कला मेले’ का आग़ाज़

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3दिसंबर।दिल्ली के इंडिया गेड के कर्तव्य पथ पर दिव्य कला मेले का केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री सुश्री प्रतिमा भौमिक भी उपस्थित थी। 2 से 7 दिसंबर तक चलने वाले इस मेले का उद्देश्य देश भर के दिव्यांग कारीगरों, शिल्पकारों और हस्तकारों के उत्पादों और शिल्प कौशल का बड़ा मंच प्रदान करना है। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा मेले का उद्देश्य दिव्यांगजनों के जीवन मे आत्मनिर्भरता लाना है, उन्होंने कहा इस प्रकार के आयोजन से दिव्यांगों का बड़े मंच के साथ अपने उत्पादों के प्रर्दशन और बिक्री का भी मौक़ा मिलेगा और भविष्य में बड़े-बड़े व्यापारियों से भी जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि देश भर अब दिव्य कला मेला का आयोजन होगा। इस मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले चारो वित्त निगम NHFDC, NBCFDC, NSFDC और NSKDFC k के विभिन्न चैनल सहभागियों के माध्यम से दस्तकारों को सवधि ऋण योजनाओं और माइक्रो फाइनेन्स योजनाओ के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान करता है। यह कार्यक्रम आगंतुकों को जम्मू और कश्मीर एवं पूर्वोत्तर राज्यों सहित देश के विभिन्न भागों के जीवंत उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, एम्ब्रोएडरी के काम और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ आदि को एक साथ देखने का रोमांचक अनुभव प्रदान करेगा।

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी योजना पी.एम. – दक्ष के अंतर्गत कौशल उन्नयन और कौशल विकास में प्रशिक्षण हमारे निगमों के लक्षित समूह के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समूह ज्यादातर पारंपरिक आर्थिक कार्यकलापों से जुड़ा हुआ है, जिन्हें बाजार की आवश्यकता के अनुरूप अपने कौशल में निरंतर सुधार की आवश्यकता होती है। अतः लक्षितवर्गों के आर्थिक कार्यकलापों को बाजार की प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बनाने हेतु कौशल उन्नयन पर भी बल दिया जा रहा है। उन्हें केवल अपनी जरूरतों व संभावनाओं और प्रशिक्षण की पहचान करने तथा सरकार के संसाधनों और सॉफ्ट लोन तक उनकी पहुंच के साथ मिलान करने की आवश्यकता है। पी.एम. दक्ष के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक प्रशिक्षणार्थीयों हेतु 495 करोड़ रुपये वितरित किए गए है ।

इस मेले में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 200 दिव्यांग कारीगर, कलाकार और उद्यमी अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस मेले में घर की सजावट और जीवन शैली, कपड़े, स्टेशनरी और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, पैकेज्ड फूड, जैविक उत्पाद, खिलौने और उपहार, व्यक्तिगत सामान-आभूषण, क्लच बैग श्रेणी के उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, यह मेला सभी के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ और दिव्यांग शिल्पकारों द्वारा अपने अतिरिक्त संकल्प के द्वारा बनाए गए उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर प्रदान करेगा, छह दिवसीय दिव्य कला मेला सुबह 11 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक खुलेगा। जिसमें दिव्यांग कलाकारों और जाने-माने पेशेवरों के प्रदर्शनों सहित सांस्कृतिक गतिविधियों की एक श्रृंखला का आयोजन होगा। इस आयोजन में आगंतुक देश के विभिन्न क्षेत्रों के अपने पसंदीदा भोजन का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

Exit mobile version