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गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: खत्रियो के उन्तालीस बच्चे हरियाणा में जज 

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा: खत्रियो के उन्तालीस बच्चे हरियाणा में जज

पवन कुमार बंसल।

खत्रियो के उन्तालीस बच्चे हरियाणा में जज बने।
अफसरों को तो जाति के आधार पर बाँट दिया था -अब तो जज भी नहीं बक्शे।
हाल ही में एच सी एस जुडिशियल के लिए इंटरव्यू हुए थे जिनका चयन कथित रूप से चयन में हुई अनियमितताओं के चलते
अदालत में है। ऐसा आरोप है की चयन बोर्ड में हाई कोर्ट के तीन जज बाद में शामिल किया गए। लिखित में अच्छे नम्बर लेने वालों को इंटरव्यू में बहुत कम और लिखित में कम पाने वालों को इंटरव्यू में बहुत ज्यादा नम्बर दिए। चयन बोर्ड में हाई कोर्ट के छह जज,हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल ,अधिवक्ता जनरल बलदेव महाजन ,और पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमैन अलोक वर्मा शामिल थे।
चलो वो तो अदालत जब फैसला करेगी तब करेगी। एक लिस्ट इन दिनों सोशल मीडिया पर जारी है।
गर्व से कहा जा रहा है की उक्त चयन में उन्तालीस बच्चे खत्री है। उनका नाम भी दिया है।

अब क्या वे फैसला देते वक्त खत्री होंगे या जज?
जज की कोई जात और मजहब नहीं ह और उसकी निष्ठा तो संविधान के प्रति है और होनी चाहिए।
इससे पहले जब जस्टिस खेर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अ तब मीडिया ने लिखा पहले सिख बने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस।
जिस तरह पत्रकार की कोई जात और धर्म नहीं होता उसी तरह जज का भी कोई धर्म नहीं होता।

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