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यूक्रेन और रूस वार: युद्ध में पीछे हटने वाले रूसी सैनिकों को मिल रही कड़ी सजा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13दिसंबर। बीबीसी की जारी एक रिपोर्ट के अनुसारा रूस अपने उन सैनिकों को कड़ी सजा दे रहा है जो यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने से इनकार कर रहे हैं. रूस ऐसे सैनिकों को जेल में बंद कर रहा है और यहां तक ​​कि उन्हें शारीरिक नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है, उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की जा रही है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी सैनिकों और उनके परिवारों ने इस बारे में जो जानकारी दी है वह दिल दहलाने वाली है.

मास्को की तरफ से जारी फरमान के मुताबिक, रिपोर्ट में आगे दावा किया गया है कि सैनिकों को युद्ध में निरंतर आगे बढ़ने का आदेश दिया जा रहा है, उनके पास हथियार हों या नहीं, वो उन्हें चला सकते या नहीं. लेकिन उन्हें युद्ध लड़ने का आदेश दिया जा रहा है.

दो रूसी सैनिकों का हवाला देते हुए, रिपोर्ट में कहा गया है कि उनमें से एक ने “अपने साथियों की युद्ध में मौत के मुंह में धकेलने से इनकार कर दिया.” एक सैनिक ने बीबीसी को बताया कि जब यूक्रेन पर हमला शुरू हुआ, तो उसने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को कम समर्थन मिलने की वजह से लड़ने से इनकार कर दिया. इसके बाद उनके स्टैंड के लिए, उन्हें और अन्य सैनिकों को जेल में बंद कर दिया गया था.

बीबीसी की रिपोर्ट में बताया गया है, “जेल में उसकी बुरी तरह से पिटाई की गई और फिर जेल से उसे बाहर ले जाया गया, जैसे कि उसे गोली मार दी जाएगी. जेल के अधिकारियों ने उसे जमीन पर लिटा दिया और उसे दस तक गिनने के लिए कहा. उसने जब इससे इनकार कर दिया तो उन्होंने पिस्तौल से उसके सिर पर कई बार वार किया. उसका चेहरा खून से लथपथ था.”

बता दें कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अपने देश में शांति लाने के लिए समर्पित सर्दियों में एक विशेष वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन बुलाने के अपने विचार का समर्थन करने के लिए सात देशों के समूह के नेताओं से आग्रह किया है. वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने जी 7 प्रमुखों से कहा, “मैं एक विशेष शिखर सम्मेलन बुलाने का प्रस्ताव करता हूं – ग्लोबल पीस फॉर्मूला समिट – यह तय करने के लिए कि हम यूक्रेनी शांति फॉर्मूले के बिंदुओं को कैसे और कब लागू कर सकते हैं.”

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