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सपा विधायक इरफान सोलंकी को कानपुर कारागार से 400 किमी दूर की जेल में ट्रांसफर किया गया

समग्र समाचार सेवा
कानपुर, 21दिसंबर। आगजनी और अवैध कब्जे समेत विभिन्न आरोपों में जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इरफान सोलंकी को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच करीब 400 किलोमीटर दूर महराजगंज जिला जेल में स्थानांतरित कर दिया गया.

बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सोलंकी से मिलने के लिए कानपुर जेल पहुंचे थे. इसके एक दिन ही बाद महानिदेशक कारागार कार्यालय से राज्य सरकार को पिछली 13 दिसंबर को एक पत्र लिखकर सपा विधायक सोलंकी को महराजगंज जेल में स्थानांतरित करने की गुजारिश की गई थी. सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए मंगलवार को सोलंकी को महाराजगंज जेल ले जाने के आदेश दिए थे.

कानपुर कारागार अधीक्षक बी डी पांडे ने बताया कि सोलंकी को कड़ी सुरक्षा के बीच कानपुर नगर से करीब 400 किलोमीटर दूर महराजगंज जिला जेल ले जाया गया. उन्होंने कहा कि विधायक को महराजगंज जेल स्थानांतरित करने का फैसला प्रशासनिक आधार पर लिया गया है. पांडे ने बताया कि सोलंकी को महराजगंज जेल ले जाने के लिए पुलिस बल पूर्वाह्न 10 बजे से पहले कानपुर जेल पहुंचा और उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस के विशेष वाहन में बैठाकर ले जाया गया.

जेल अधीक्षक के मुताबिक, पुलिस वाहन में बैठते समय मीडिया कर्मियों ने सपा विधायक से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा. हालांकि, पुलिस वाहन में बैठाने के दौरान उनकी कुछ पुलिसकर्मियों से कहासुनी हुई. इस मौके पर इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे.

गौरतलब है कि महानिदेशक कारागार कार्यालय से राज्य सरकार को पिछली 13 दिसंबर को एक पत्र लिखकर सपा विधायक सोलंकी को महराजगंज जेल में स्थानांतरित करने की गुजारिश की गई थी. सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए मंगलवार को सोलंकी को महाराजगंज जेल ले जाने के आदेश दिए थे. उससे एक ही दिन पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सोलंकी से मिलने के लिए कानपुर जेल पहुंचे थे.

अखिलेश ने आरोप लगाया था कि सोलंकी पर फर्जी मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. सोलंकी के खिलाफ कानपुर में पिछली आठ नवंबर को नजीर फातिमा नाम की एक महिला के घर में आगजनी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था. कई दिनों तक फरार रहने के बाद सोलंकी ने इस माह की शुरुआत में आत्मसमर्पण कर दिया था. सोलंकी के खिलाफ एक बांग्लादेशी परिवार को भारतीय दस्तावेज हासिल करने के लिए गलत तरीके से प्रमाण पत्र जारी करने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज किया गया है.

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