Site icon Samagra Bharat News website

भारतीय तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पूर्व) ने हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत कोलकाता में चौथे टेबल टॉप अभ्यास का आयोजन किया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,15 मार्च।भारतीय तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पूर्व) 14 से 16 मार्च, 2023 तक कोलकाता में कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तत्वावधान में टेबल टॉप अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन कर रहा है। भारतीय तटरक्षक के अलावा, कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के सदस्य देशों के प्रतिनिधि के तौर पर श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस के साथ-साथ पर्यवेक्षक देशों के रूप में बांग्लादेश और सेशेल्स भी इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन में राष्ट्र विरोधी तत्वों से उत्पन्न खतरों से निपटने, समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया, खोज और बचाव एवं समुद्र में क्षति नियंत्रण जैसी समुद्री क्षेत्र की चुनौतियों से संबंधित विषयों पर चर्चा की जा रही है।

कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन का गठन 2011 में भारत, श्रीलंका और मालदीव के त्रिपक्षीय समुद्री सुरक्षा समूह के रूप में किया गया था। गतिविधियों के रोडमैप को बाद में विस्तारित किया गया, जिसमें मॉरीशस चौथे सदस्य के रूप में शामिल हुआ और बांग्लादेश तथा सेशेल्स पर्यवेक्षक देशों के रूप में भाग ले रहे हैं। यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में सभी तटीय देशों से संबंधित क्षेत्रीय सहयोग और साझा सुरक्षा उद्देश्यों को रेखांकित करता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के लिए समुद्री सुरक्षा, समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया और समुद्री खोज तथा बचाव प्राथमिकताएं तय करना है।

हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री पड़ोसियों के बीच समन्वय समुद्री सुरक्षा एवं आईओआर में सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा और क्षेत्र में सभी के लिए विकास (सागर) एवं पड़ोसी प्रथम जैसी नीतियां आईओआर के लिए प्रमुख पहल हैं और यह भारत की नीतिगत प्राथमिकताओं की साक्षी हैं। समुद्री चुनौतियों का समाधान करने के लिए आईओआर के समुद्री पड़ोस में एक सहकारी वातावरण और सहयोगी तंत्र आवश्यक है, जिससे समुद्री सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Exit mobile version