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“उनकी शहादत सब के लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत बनी रहेगी”- उपराष्ट्रपति

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 23 मार्च। माननीय उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आज राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान शहीद दिवस के अवसर पर सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्हें ‘हमारे स्वतंत्रता संगाम के महान नायक’ बताते हुए उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि उनकी शहादत भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक मील का पत्थर थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान ने नागरिकों को स्वतंत्र भारत में अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को संजोने का मार्ग प्रशस्त करने में मदद की।

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी देशवासियों से उन मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया जिनके लिए इन शहीदों ने अपने प्राण न्यौछावर किए। उन्होंने राज्यसभा के सदस्यों से भी अनुरोध किया कि वे अपनी जगह पर खड़े हों और इन बहादुर शहीदों के सम्मान में मौन धारण करें।

अपने वक्तव्य में उपराष्ट्रपति ने कहा;
“माननीय सदस्यों, आज भारत के तीन महान सपूतों, सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत की 92वीं वर्षगांठ है। वर्ष 1931 में आज ही के दिन आजादी के इन नायकों ने भारत की आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये थे।

युवावस्था में उनका यह सर्वोच्च बलिदान हमारी आजादी की लड़ाई में एक ऐतिहासिक घटना थी। उन्होंने शहादत का रास्ता इसलिए चुना ताकि प्रत्येक भारतीय स्वतंत्रता, स्वाभिमान और लोकतान्त्रिक मूल्यों के साथ जीवन जी सके। उनकी शहादत सब के लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च मिसाल प्रस्तुत की। आइए, आज हम सब मिलकर उन मूल्यों को संजोने का संकल्प लें जिनके लिए उन्होंने बलिदान दिया। आइए मिलकर राष्ट्र को सर्वप्रथम रखने की प्रतिज्ञा करें।”

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