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यह ऐप सभी संबद्ध हितधारकों के लिए बेहतर पहुंच को संभव बनाने में मदद करेगा क्योंकि इसमें पहुंच को आसान बनाने की सुविधा है: सर्बानंद सोनोवाल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01अप्रैल। केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्यमंत्री श्रीपद वाई. नाइक, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) में सचिव सुधांशु पंत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (मरीन) के ऐप संस्करण ‘सागर-सेतु’ का शुभारंभ किया।

इस ऐप में लॉग इन मॉड्यूल, सर्विस कैटलॉग, कॉमन एप्लिकेशन फॉर्मेट, लेटर ऑफ क्रेडिट, बैंक गारंटी, सर्टिफिकेशन और ट्रैक एंड ट्रेस आदि जैसी सुविधाओं का समावेश किया गया है। यह ऐप आयातक, निर्यातक और सीमा शुल्क ब्रोकर को पोत से संबंधित जानकारी, गेट, कंटेनर फ्रेट स्टेशनों और लेनदेन सहित उन गतिविधियों की वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करेगा जो आमतौर पर उनकी पहुंच के दायरे में नहीं होती हैं। यह आयात और निर्यात के दौरान निकासी प्रक्रिया में कंटेनर फ्रेट स्टेशन शुल्क, शिपिंग लाइन शुल्क, परिवहन शुल्क आदि जैसे आवश्यक भुगतान के लिए डिजिटल लेनदेन को भी संभव बनाता है।

इस ऐप का शुभारंभ करते समय सोनोवाल ने कहा, “नेशनल लॉजिस्टिक्स पोर्टल (मरीन) का सागर-सेतु ऐप सभी संबद्ध हितधारकों के लिए हाथ में रखे जाने वाले उपकरण पर सभी सुविधाओं की आसान पहुंच में मदद करेगा। यह मोबाइल ऐप डेटा संबंधी आदान-प्रदान को इस तरह सुनिश्चित करेगा कि स्वीकृति एवं निगरानी संबंधी सूचनाएं बंदरगाह एवं मंत्रालय के अधिकारियों और हितधारकों को भी तत्काल उपलब्ध होंगी।

व्यापारियों को मिलने वाले लाभ
• स्वीकृति और अनुपालन में लगने वाले टर्नअराउंड समय में कमी के साथ उन्नत सुविधाएं।

• कामकाज और ट्रैकिंग संबंधी पारदर्शिता में वृद्धि।

सेवा प्रदाताओं को मिलने वाले लाभ
• रिकॉर्ड और पेश किए गए लेन-देन पर निगरानी रखने में मदद

• सेवा संबंधी अनुरोधों से जुड़ी सूचना की प्राप्ति।

यहां यह बताना उचित होगा कि इस वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म नेशनल लॉजिस्टिक पोर्टल (मरीन) की परिकल्पना पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जनवरी 2023 में की गई थी। इसके दो महीने के भीतर ही ‘सागर-सेतु’ ऐप का शुभारंभ किया गया है, जो समुद्री व्यापार को बढ़ावा देगा और इससे देश की अर्थव्यवस्था में उन्नति होगी।

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