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हमें अपने परस्पर ऐतिहासिक, पारंपरिक और प्राचीन संबंधों को मान्यता देते हुए सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक साथ आना चाहिए: जी. किशन रेड्डी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली ,3अप्रैल। संस्कृति, पर्यटन और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 3 अप्रैल, 2023 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत-मध्य एशिया संस्कृति मंत्रियों की पहली बैठक की मेजबानी की।

बैठक में कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के संस्कृति मंत्रियों ने भाग लिया। 27 जनवरी, 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आयोजित भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन में मध्य-एशियाई देशों के बीच संस्कृति की बेहतर समझ के लिए सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने और इन देशों के लोगों को एक साथ जोड़ने वाले सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया था।

आज की बैठक मध्य-एशियाई देशों के नेताओं के संकल्प के बाद उनके बीच संस्कृति की बेहतर समझ और क्षेत्र के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने तथा सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए हुई। संस्कृति मंत्रियों ने क्षेत्र में सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए अपने नेताओं की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के लिए अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

अपने उद्घाटन भाषण में, जी. किशन रेड्डी ने भारत और मध्य-एशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के बारे में बात की। जी. किशन रेड्डी ने बुद्ध द्वारा प्रचारित अहिंसा या अहिंसा की शाश्वत शिक्षाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि साझा बौद्ध विरासत एक पोषित आध्यात्मिक बंधन है, जिसे सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए आगे बढ़ाने और प्रचारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने परस्पर ऐतिहासिक, पारंपरिक और प्राचीन संबंधों को स्वीकार करने तथा सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक साथ आने का आह्वान किया।

बैठक के अंत में, भारतीय पक्ष ने भारत-मध्य एशिया संस्कृति मंत्रियों की पहली बैठक के साक्ष्य के तौर पर एक संयुक्त वक्तव्य का प्रस्ताव रखा। प्रतिभागियों ने बैठक को महत्व देने और नियमित अंतराल पर इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द अपनी सहमति देने का आश्वासन दिया।

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