समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01मई। माननीय अनुसुईया उइके राज्यपाल मणिपुर ने राजभवन में प्रदेश के प्रमुख व्यक्तियों जिसमें पद्मश्री अवार्डी, वे गणमान्य व्यक्ति जिनके संबंध में पहले मन की बात में प्रधानमंत्री द्वारा उल्लेख किया गया है, स्पोर्टस, इकोनामी, एजुकेशन, कल्चर, हैल्थ केयर, यू टयूबर, बेबपोर्टल, रेडियो जाकी, टवीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम ईन्फलुएन्सर, डी.सी.,एस.पी., इंफाल, मेजर जनरल सीआरपीएफ, डी.आई. जी, प्रसार भारती के डायरेक्टर नंद कुमार, पीआईबी के डायरेक्टर डॉं इंगम पामे इंफाल के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 100वें एपिसोड की स्क्रनिंग में भाग लिया।

मन की बात के प्रसारण के उपरांत राज्यपाल ने दरबार हाल में उपस्थित करीब 200 प्रमुख व्यक्तियों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि मन की बात भारत के साथ ही साथ वैश्विक हो गया है। प्रधानमंत्री जी द्वारा इस कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं, समस्याओं, व्यक्तियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं जिससे उस प्रदेश क्षेत्र के लोगों का उत्साहवर्धन होता है और दूसरे व्यक्ति भी इस प्रकार प्रधानमंत्री के उल्लेख से प्रोत्साहित होकर कुछ नया और विशेष करने के लिये प्रेरित होते हैं।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस कार्यक्रम के निरंतर चलते हुए आज 100वॉं एपिसोड प्रसारित होने के लिये शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने सन्देश में कहा कि प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों से जुड़ने उन्हें सरकार की योजनाओं से परिचित कराने, अपने विचार उन तक पहुॅंचाने के लिये अद्वितीय कार्य किया है। राष्ट्र उनके इस प्रकार अभिनव प्रयास के लिये आभार प्रकट किया है।
प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से देश के लिये अपने दृष्टिकोण को साझा करते हैं और राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी चाहते। कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य प्रधानमंत्री और नागरिकों के बीच सीधा संपर्क बनाना भी है।
प्रधानमंत्री ने जहॉं एक ओर प्राकृतिक आपदा के समय देश के लोगों को ढाढस बॅंधाया है वहीं दूसरी ओर गौरव के पलों में देश के सैनिकों, खिलाडियों, परीक्षा के समय बच्चों को प्रोत्साहित भी किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक मुद्दों पर अपितु जलवायु परिवर्तन, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा संकट, स्वच्छता, स्वास्थ्य समस्याओं जैसे वैश्विक समस्याओं के प्रति भी लोगों को जागरूक और सक्रिय किया है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री टेलीफोन पर भी लोगों से बात करते रहे हैं जो कि लोकतंत्र और शासन के लोगों के विश्वास को मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री के मन की बात के सन्देश कुछ ही समय में सोशल मीडिया के ट्रेण्ड और हफतों में जन आंदोलन बन जाते हैं जिनके उदाहरण हैं स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, कोविड टीकाकरण, हर घर तिरंगा अभियान इसके उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री के मन की बात का जल संरक्षण का सन्देश जन आंदालन बन गया और लोगों ने सरोवर बनाकर उदाहरण प्रस्तुत किया है। मन की बात केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है यह भारत के समग्र विकास का दर्पण और जन भागीदारी की अभिव्यक्ति है। इस कार्यक्रम के माध्यम से कोविड में टीकारण के लिये लोगों को प्रेरित किया है जिसकी वजह से इतनी बड़ी संख्या में देश में टीकाकरण अभियान सम्पन्न हुआ है।