Site icon Samagra Bharat News website

बुद्ध पूर्णिमा 2023: आज है बुद्ध पूर्णिमा , गंगा में स्नान करने से दूर होते हैं सारे कष्ट, जानें पूजन विधि

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 05 मई। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना गया है और वैशाख माह की पूर्णिमा सबसे खास होती है. इसे बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा कहा जाता है. धार्मिक कथाओं के अनुसार वैशाख पूर्णिमा के दिन भी भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था. जिन्हें भगवान विष्णु का नौंवा अवतार कहा जाता है. इसलिए बुद्ध पूर्णिमा को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान व दान का विशेष महत्व होता है. पंचांग के अनुसार आज यानि 5 मई को बुद्ध पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजन के बारे में सबकुछ.

बुद्ध पूर्णिमा 2023 शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि 4 मई को रात 11 बजकर 11 मिनट पर शुरू हो गई है और इसका समापन 5 मई को सुबह 11 बजकर 3 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा का व्रत 5 मई यानि आज रखा जाएगा. इस दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 18 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक भी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त है. बता दें कि इस बार भगवान गौतम बुद्ध की 258वीं जयंती मनाई जाएगी.

बुद्ध पूर्णिमा पूजन विधि
बुद्ध पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले उठना चाहिए. उठते ही सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें और यदि संभव हो तो इस दिन गंगा में स्नान अवश्य करना चाहिए. यदि गंगा में स्नान करना संभव नहीं है तो पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर उससे स्नान करें. साथ ही घर में गंगाजल का छिड़काव करें. इसके बाद मंदिर को स्वच्छ करें और भगवान विष्णु का पूजन करें. इस दिन भगवान विष्णु के सत्यानारायण रूप का भी पूजन किया जाता है. भगवान के समक्ष घी का दीपक जलाएं और घर के मुख्य द्वार पर हल्दी, रोली व कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं. इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. पूर्णिमा तिथि के दिन भोजन व कपड़ों को दान करना भी शुभ माना जाता है. इसके अलावा अगर घर में कोई पक्षी है तो उसे आज के दिन आजाद कर देना चाहिए.

Exit mobile version