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वन्य जीव (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 की धारा 49एन और 49ओ के अंतर्गत बनाए गए नियमों की अधिसूचना (2022 में संशोधित) जारी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13मई। वन्य जीव (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 (1972 का 53), वन्य प्राणियों की विभिन्न प्रजातियों का संरक्षण, उनके आवास का प्रबंधन और वन्य जीवों के विभिन्न वर्गों से प्राप्त उत्पादों के व्यापार को अधिनियमित और नियंत्रित करने के लिए कानूनी संरचना प्रदान करता है।

वन्य जीव (सुरक्षा) संशोधन अधिनियम को आखिरी बार 2022 में संशोधन किया गया था और इस अधिनियम को 01 अप्रैल 2023 से लागू किया गया। इस अधिनियम की धारा 49 एन के अनुसार, अधीनता में प्रजनन करने या अनुसूची IV के परिशिष्ट I में सूचीबद्ध किसी भी अनुसूचित नमनू की कृत्रिम रूप से वंश वृद्धि कराने वाले व्यक्ति के लिए वन्यजीव (सुरक्षा) संशोधन अधिनियम, 2022 के लागू होने के 90 दिनों के अंदर लाइसेंस के लिए आवेदन करना आवश्यक है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिनांक 24 अप्रैल, 2023 को एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से धारा 49 एन के अंतर्गत नियमों को अधिसूचित किया है। इन्हें http://moef.gov.in से भी प्राप्त किया जा सकता है।

अधिनियम की अनुसूची IV के परिशिष्ट I में सूचीबद्ध किसी अनुसूचित नमूने की अधीनता में प्रजनन करने या कृत्रिम रूप से वंश वृद्धि कराने वाले सभी व्यक्तियों से अनुरोध किया जाता कि वे वन्यजीव (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 की धारा 49 एन के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार 29 जून, 2023 को या उससे पहले सभी निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए लाइसेंस के लिए आवेदन करें।

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