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मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से छोटे किसानों को लाभ-नरेंद्र सिंह तोमर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 मई। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से राजा भोज कृषि महाविद्यालय, बालाघाट में विश्व मधुमक्खी दिवस पर वृहद कार्यक्रम और विराट किसान मेला केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर नरेंद्र तोमर ने कालेज भवन का लोकार्पण व राजा भोज की प्रतिमा का अनावरण किया, मधुमक्खी एक्सपो का शुभारंभ किया, राष्ट्रीय बैल जोड़ी स्पर्धा में प्रतिभागियों काउत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, मधुमक्खी पालकों, एफपीओ, स्टार्टअप्सने हिस्सा लिया।

समारोह में नरेंद्र तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, किसानों की लगातार चिंता करते रहते हैं, इसीलिए उन्होंने किसान हितैषी कई कदम उठाते हुए कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की है, जो छोटे किसानों के लिए लाभदायक है। देश के गरीबों व किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाना केंद्र सरकार की पहली प्राथमिकता है।इस दिशा में मोदी सरकार निरंतर काम कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि गांव-गांव में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं के विकास के लिए सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का प्रावधान किया है। 20 लाख करोड़ रु. किसान क्रेडिट कार्ड से देना लक्षित किए हैं, ताकि किसानों की क्षमता बढ़ सकें, वेअपने उत्पादों को रोककरबाद में अच्छा दाम मिलने पर बेच सकें। छोटे किसानों की खेती की लागत कम हों, वे टेक्नालॉजी से जुड़ें, उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग कर सकें, इसके लिए 10 हजार एफपीओ बनाने का काम शुरू हो चुका है, जिस पर सरकार 6,864 करोड़ रु. खर्च कर रही है। किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के रूप में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से अब तक 1.30 लाख करोड़ रु. दिए जा चुके हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में करीबढाई लाख करोड़ रु. जमा कराए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश के सर्वांगीण विकास की चिंता करते हैं। गरीबों के घर में शौचालय हो, गरीब परिवारों की बहनेंरसोई गैस पर खाना बनाएं, गरीब आदिवासियों के पास भी अपना घर हो, सभी गांव सड़कों से जुड़ सकें और जलजीवन मिशन के माध्यम से हर घर को नल से जल मिलें, इन सबकी चिंता उन्होंने की, जिसका लाभइन्हें मिल रहा है। दूसरी ओर, देश में औद्योगिकीकरण, तकनीक का उपयोग, भ्रष्टाचार पर नकेल, दुनिया में भारत की साख बढ़ाने के प्रयास में सरकार ने सफलता प्राप्त की है।केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि वर्ष 2047 में जब हमारी आजादी 100 वर्ष की होगी, तब तक भारत विकसित राष्ट्र बने, इस लक्ष्य को लेकर हम सभी को काम करना है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और भारत माता को परम वैभव के शिखर तक पहुंचाने में बालाघाट का भी योगदान होना चाहिए।

शहद परीक्षण प्रयोगशालाओं व अन्य अवसंरचनाओं का वर्चुअल उद्घाटन-केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर ने शहद परीक्षण प्रयोगशालाओं व अन्य अवसंरचनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इसमें क्षेत्रीय शहद परीक्षण प्रयोगशाला, आईसीएआर-आईआईएचआर बेंगलुरु कर्नाटक, आईएआरआई पूसा दिल्ली, केवीके कुपवाड़ा जम्मू-कश्मीर, स्कास्ट कश्मीर, केवीके दमोह म.प्र., बनासकांठा सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ पालनपुर व नवसारी कृषि वि.वि. गुजरात, कृषि महा. पासीघाट अरूणाचल प्रदेश, निफ्टेम सोनीपत हरियाणा, मधुमक्खी रोग निदान केंद्र एफसीआरआई हैदराबाद तेलंगाना, बी बॉक्स व मधुमक्खीपालन उपकरण निमार्ण इकाई- एसएफएसी, कोरिया एग्रो प्रोड्यूसर लि. छत्तीसगढ़ – शहद और अन्य मधुमक्खीपालन उत्पाद संग्रह, व्यापार, ब्रांडिंग और विपणन यूनिट, एसएफएसी, चुली एग्रो प्रोड्यूसर लि. उत्तराखंड, शहद और अन्य मधुमक्खीपालन उत्पाद संग्रह, व्यापार, ब्रांडिंग और विपणन यूनिट- एसएफएसी, उन्नति कृषक सहकारी समिति छत्तीसगढ़- शहद और अन्य मधुमक्खीपालन उत्पाद संग्रह व्यापार, ब्रांडिंग और विपणन यूनिट शामिल हैं।

कार्यक्रम में म.प्र. पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, म.प्र. के कृषि मंत्री कमल पटेल, आयुष मंत्री रामकिशोर कांवरे, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, बागवानी आयुक्त प्रभात कुमार, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति प्रमोद कुमार मिश्रा, पूर्व कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार बिसेन, राकेश पाल, सत्यप्रकाश आदि गणमान्य मौजूद थे।

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