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2070 तक भारत के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- डॉ. जितेंद्र सिंह

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26मई।केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राज्यमंत्री प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक और लोक शिकायत मंत्रालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि जैसा कि भारत के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत का 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, इसे प्राप्त करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एक अहम भूमिका निभाएगा।

“अधिक सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य के लिए मिलकर काम करने की हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जलवायु परिवर्तन की लगातार बढ़ती चुनौतियाँ एक देश, संगठन, कंपनी या किसी भी व्यक्तिगत प्रयास के नियंत्रण से परे हैं,” यह बात डॉ जितेंद्र सिंह ने संयुक्त 8वें मिशन इनोवेशन मिनिस्ट्रियल (एमआई-8) और 14वें क्लीन एनर्जी मिनिस्ट्रियल (सीईएम-14) की वेबसाइट और लोगो लॉन्च कार्यक्रम के दौरान कही। वेबसाइट और लोगो को डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय विद्युत व नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री (एनआरई)  आरके सिंह द्वारा संयुक्त रूप से लॉन्च किया गया।

भारत 19-21 जुलाई, 2023 के दौरान सीईएम-14 के साथ संयुक्त रूप से एमआई-8 की मेजबानी करेगा, साथ ही गोवा में जी20 एनर्जी ट्रांजिशन मिनिस्ट्रियल बैठक भी करेगा। मिशन इनोवेशन मिनिस्ट्रियल में एमआई सदस्य देशों, यूरोपीय संघ और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों के साथ-साथ उद्योग, अनुसंधान, शिक्षा, नागरिक संगठनों और दुनिया के इनोवेटर्स के प्रमुख हितधारकों का प्रतिनिधित्व करने वाले उच्च-स्तरीय आमंत्रितों की भागीदारी होगी। इस वर्ष के मिनिस्ट्रियल सम्मेलन का फोकस ‘स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर प्रायोगिक प्रदर्शन की दिशा में अनुसंधान एवं विकास की निरंतरता को आगे बढ़ाना’ है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, जैसा कि भारत आजादी के 75 साल मना रहा है और इस विशेष क्षण (अमृतकाल) में, एमआई की वार्षिक मिनिस्ट्रियल बैठक की मेजबानी ऊर्जा सुरक्षा और पहुंच सुनिश्चित करते हुए हमारी महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा प्रतिबद्धताओं को कार्रवाई में बदलने में महत्वपूर्ण होगी।

उन्होंने कहा, “मिशन इनोवेशन पहल हमारे माननीय पीएम के भारत की जलवायु कार्रवाई पर राष्ट्रीय आकांक्षा के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसे पंचामृत कहा जाता है, जिसे सीओपी26 के दौरान रेखांकित किया गया है।”

पंचामृत कार्य योजना के तहत, भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावॉट की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है; 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से अपनी कम से कम आधी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना; 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को 1 बिलियन टन कम करना; 2030 तक कार्बन की तीव्रता को 45 प्रतिशत से कम करना; और 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करना है।

‘मिशन इनोवेशन’ शब्द प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विजन से निकला है। मिशन इनोवेशन (एमआई) 23 देशों और यूरोपीय कमीशन (यूरोपीय संघ की ओर से) की एक वैश्विक पहल है, जो स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में तेजी लाने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों और नेट जीरो तक पहुंचने की दिशा में प्रगति कर रही है। भारत मिशन इनोवेशन के संस्थापक सदस्यों में से एक था। एमआई का मुख्य उद्देश्य सभी के लिए स्वच्छ ऊर्जा को सस्ती, आकर्षक और सुलभ बनाने के लिए अनुसंधान, विकास और प्रदर्शन में एक दशक की कार्रवाई और निवेश को उत्प्रेरित करना है।

30 नवंबर, 2015 को सीओपी21 में मिशन इनोवेशन (2015-2020) के पहले चरण की घोषणा की गई थी, क्योंकि वैश्विक लीडर्स जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए महत्वाकांक्षी प्रयासों के लिए पेरिस में एक साथ आए थे, सभी सदस्य देश प्रयास कर रहे हैं और 5 वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान, विकास और प्रदर्शन पर सरकारी धन को दोगुना करने और स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान, विकास और प्रदर्शन पर कार्यक्रमों में अंतर्राष्ट्रीय और निजी क्षेत्र की भागीदारी, सहयोग और निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मिशन इनोवेशन के पहले चरण में भारत ने-

पहले चरण के 5 साल के सफल कार्यकाल के बाद और इनोवेशन्स में तेजी लाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा निवेश की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पहचानने के बाद, मिशन इनोवेशन (एमआई 2.0) का दूसरा चरण 2 जून, 2021 को लॉन्च किया गया। एमआई 2.0 का फोकस कार्रवाई के दशक (2021-2030) और नई स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ाने और सभी के लिए स्वच्छ ऊर्जा को सस्ती, आकर्षक और सुलभ बनाने पर है। यह पेरिस समझौते के लक्ष्यों और नेट जीरो के रास्ते की दिशा में प्रगति को गति देगा।

वैश्विक क्लीन एनर्जी ट्रांसमिशन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सार्वजनिक-निजी एक्शन के जरिए इनोवेशन्स को तेज करने और प्रौद्योगिकियों की लागत को कम करने के लिए मिशन और इनोवेशन प्लेटफॉर्म की एक श्रृंखला शुरू की गई है।

भारत निम्नलिखित सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ एमआई 2.0 के महत्वाकांक्षी जलवायु और ऊर्जा लक्ष्यों के लिए प्रमुख सदस्यों और सहयोगी के रूप में बना हुआ है।

इस दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव डॉ. श्रीवारी चंद्रशेखर; विद्युत मंत्रालय सचिव  आलोक कुमार; नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सचिव  भूपिंदर सिंह भल्ला; बीईई महानिदेशक, श्री अभय बाकरे और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सीईएम और एमआई सचिवालय के प्रमुख ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समारोह को संबोधित किया, इसके अलावा 32 देशों के सीईएम और एमआई के सरकारी प्रतिनिधि भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

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