Site icon Samagra Bharat News website

दुनिया के सामने भारत की बुलंद तस्वीर, खादी ग्रामोद्योग ने रचा इतिहास, 9 साल में बिक्री में 332 फीसदी की वृद्धि

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 13जून। प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश और विदेश में हर मंच से खादी का प्रचार-प्रसार किया है, जिससे आज खादी लोकप्रियता के नये शिखर पर पहुंच चुकी है.

स्वदेशी खादी उत्पादों की बिक्री
◆ 2014-15: 31000 करोड़ रुपये
◆ 2015-16: 41000 करोड़ रुपये
◆ 2017-18: 59000 करोड़ रुपये
◆ 2018-19: 74000 करोड़ रुपये
◆ 2020-21: 95714 करोड़ रुपये
◆ 2021-22: 115000 करोड़ रुपये
◆ 2022-23: 134630 करोड़ रुपये

खादी और ग्रामोद्योग आयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध करना है।2022-23 में 36 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.8 करोड़ लोगो को रोजगार तक पहुंच गया।

■ खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है.
■ केवीआईसी ने दुनिया के सामने भारत की बुलंद तस्वीर पेश की है. स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार केवीआईसी के उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है.
■ पिछले 9 वित्त वर्षों में ग्रामीण क्षेत्र के कारीगरों द्वारा बनाए गए स्वदेशी खादी उत्पादों की बिक्री में 332 फीसदी की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है.
■ ग्रामीण क्षेत्र में 9,54,899 नये रोजगार का सृजन कर, केवीआईसी ने नया मील का पत्थर स्थापित किया है.
■ आज खादी उत्पादों की गिनती विश्व के सबसे विश्वसनीय ब्रांडों में होती है. वित्त वर्ष 2013-14 से 2022-23 में खादी और ग्रामोद्योग के प्रोडक्ट्स के उत्पादन में जहां 268 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
■ यह इस बात का प्रमाण है कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी उत्पादों’ पर देश की जनता का भरोसा बढ़ा है.
■ पिछले 9 वर्षों में खादी कपड़ों के उत्पादन में भी अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है. वित्त वर्ष 2013-14 में जहां खादी कपड़ों का उत्पादन 811 करोड़ रुपये था वहीं 260 प्रतिशत के उछाल के साथ यह वित्त वर्ष 2022-23 में 2916 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया, जोकि अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

पिछले 9 वित्त वर्षों में खादी के कपड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ी है. वित्त वर्ष 2013-14 में जहां इसकी बिक्री सिर्फ 1081 करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2022-23 में 450 प्रतिशत वृद्धि के साथ यह 5943 करोड़ रुपये पहुंच गई. कोविड-19 के बाद पूरी दुनिया में ऑर्गेनिक कपड़ों की मांग बढ़ी है. इसके कारण खादी के कपड़ों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. साथ ही माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा हर मंच से खादी को प्रमोट करने का भी व्यापक असर खादी के कपड़ों की बिक्री पर पड़ा है.

Exit mobile version