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आदिपुरुष फिल्‍म पर लग सकता है बैन, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,23जून।आदिपुरुष फिल्म का विवाद राजस्थान हाइकोर्ट पहुंच गया है. बालमुकुन्दाचार्य ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर फिल्म को राजस्थान में बैन करने और सेंसर से सर्टिफिकेट सस्पेंड करने की गुहार लगाई है. जी मीडिया संवाददाता ने बताया कि फिल्म में दर्शाये गए विवादित सीन और डायलॉग पर आपत्ति जाहिर करते हुए फिल्म को पूरे राज्य में बैन करने की मांग की है. आरोप है इस फिल्म में हिंदू मान्यताओं और लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है.

आदिपुरुष फिल्म रामायण पर आधारित है. फिल्म के डायलॉग मनोज मुंतशिर शुक्ला ने लिखे हैं. फिल्म रिलीज होने के बाद लोगों ने इसके इसके डॉयलॉग्स पर आपत्ति जताई. ‘कपड़ा तेरे बाप का, जलेगी तेरे बाप की.. आग भी तेरे बाप की और जलेगी तेरे बाप की..’ डायलॉग पर लोगों ने खुलकर नाराजगी जाहिर की. पड़ोसी देश नेपाल में फिल्म को ही बैन कर दिया गया. भारत में भी कई जगहों जगहों पर विरोध होने लगा. विरोध को देखते हुए फिल्म के डॉयलॉग्स में कुछ बदलाव किया गया है.

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘रामायण’ पर आधारित फिल्म ‘आदिपुरुष’ के प्रसारण पर रोक से संबंधित ‘हिंदू सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से बुधवार को इनकार किया. न्यायमूर्ति तारा वितास्ता गंजू और न्यायमूर्ति अमित महाजन की अवकाशकालीन पीठ ने मामले को या तो ‘‘आज या कल या उसके अगले दिन’’ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता के अनुरोध को खारिज कर दिया. उनके वकील ने कहा कि जनहित याचिका 30 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.

ओम राउत द्वारा निर्देशित फिल्म “आदिपुरुष” की इसके खराब वीएफएक्स और संवादों के लिए सोशल मीडिया पर आलोचना की गई. वहीं इसके संवाद लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला लंका दहन के दौरान भगवान हनुमान के संवादों को लेकर निशाने पर हैं. पिछले शुक्रवार को देशभर में हिंदी, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और तमिल में रिलीज हुई ‘आदिपुरुष’ में प्रभास राघव (राम), कृति सेनन जानकी (सीता) और सैफ अली खान लंकेश (रावण) की भूमिका में हैं.

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