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युवा पीढ़ी को उनके साहस और देशभक्ति के बारे में जानकारी होनी चाहिये- राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 5जुलाई। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने हैदराबाद में 4 जुलाई को अल्लूरि सीताराम राजू की 125वें जन्मोत्सव वर्ष के समापन समारोह को संबोधित किया।

समारोह को संबोधित करते हुये राष्ट्रपति ने कहा कि अल्लूरि सीताराम राजू की अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ाई भारत के स्वतंत्रता संग्राम का गौरवपूर्ण अध्याय रहा है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों और विशेषतौर से युवा पीढ़ी को उनके साहस और देशभक्ति के बारे में जानकारी होनी चाहिये।

राष्ट्रपति ने कहा कि अल्लूरि सीताराम राजू का जीवन जाति और वर्ग के आधार पर भेदभाव किये बिना समाज को एकजुट करने का एक बेहतर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अल्लूरि सीताराम राजू को आदिवासी समाज ने पूरी तरह से अपना बना लिया था और उन्होंने भी इस समाज की खुशियों और दुखों को अपनी खुशी और दुख मान लिया था। उन्हें एक आदिवासी योद्धा के रूप में याद किया जाता है और यही उनकी सही पहचान है। वह अपनी शहादत तक आदिवासी समाज के अधिकारों के लिये लड़ते रहे। उन्होंने कहा कि यह हम सब का कर्तव्य है कि हम ऐसे महान स्वतंत्रता सैनानी के बलिदान को याद करें। उन्होंने बुद्धीजीवियों, विशेषतौर से समाजशास्त्रियों और इतिहासकारों से आग्रह किया कि उन्हें अल्लूरि सीताराम राजू जैसे स्वतंत्रता सेनानी के योगदान के बारे में नागरिकों, विशेषतौर से युवा पीढ़ी के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम करना चाहिये।

राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के वंचित तबके की भलाई के लिये निःस्वार्थ और निडर होकर काम करना अल्लूरि सीताराम राजू के जीवन का संदेश है। उन्होंने आगे कहा कि उनके विचारों को अपने जीवन और व्यवहार में अपनाकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। उन्होंने सभी से देश और समाज के हित में अल्लूरि सीताराम राजू के मूल्यों और विचारों को अपनाने का आग्रह किया।

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