Site icon Samagra Bharat News website

51 एनपीजी बैठकों के तहत 5.39 लाख करोड़ रुपये की 85 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का किया गया मूल्यांकन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 जुलाई। पीएम गतिशक्ति के तहत नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप की 51वीं बैठक के दौरान वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) सुमिता डावरा के साथ बैठक हुई। डीपीआईआईटी, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) की पांच परियोजनाएं। 15,683 करोड़. का मूल्यांकन किया गया।

मिजोरम (1), महाराष्ट्र (2), उत्तराखंड (1) और कानपुर (1) राज्यों में इन पांच परियोजनाओं से औद्योगिक समूहों और सामाजिक क्षेत्र की संपत्तियों की कनेक्टिविटी में सुधार आने और माल यातायात की आवाजाही सुव्यवस्थित होने और शहरों में भीड़भाड़ कम करके रसद दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के नजरिए से महत्वपूर्ण, भारतमाला परियोजना-2 के तहत प्रस्तावित 2.5 किमी की ग्रीनफील्ड ट्विन ट्यूब यूनी-डायरेक्शनल आइजोल बाईपास सुरंग, म्यांमार में कलादान नदी पर सिटवे बंदरगाह और उत्तर पूर्व क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी।

यह सैरांग, आइजोल, सेलिंग में आर्थिक केंद्रों, ज़ोरम मेडिकल कॉलेज, मिजोरम सेंट्रल यूनिवर्सिटी और एनआईटी आइजोल सहित सामाजिक क्षेत्र की संपत्तियों और सोलोमन टेम्पल चर्च, आइजोल, मिजोरम राज्य संग्रहालय, आइजोल सहित पर्यटन स्थलों को भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

इस परियोजना से समय कम लगने और औसत गति में 50% की वृद्धि के कारण दक्षता आने की उम्मीद है।

इस सुरंग के माध्यम से, फैबॉक और सैरांग के बीच यात्रा की दूरी और समय क्रमशः 39% और 60% कम होने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र राज्य में दो क्षमता वृद्धि परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया जो कि आर्थिक केंद्रों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों, औद्योगिक समूहों और रक्षा संपत्तियों की कनेक्टिविटी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। नासिक फाटा से खेड़ संरेखण और संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग – इन दोनों परियोजनाओं की योजना पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के प्रमुख सिद्धांतों पर ध्यान देते हुए और एनएमपी पोर्टल का उपयोग करके बनाई गई हैं। 10 आर्थिक नोड्स और 12 सामाजिक नोड्स की कनेक्टिविटी में सुधार करने और एकीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास तथा बेहतर यूटिलिटी नेटवर्क के साथ बढ़ी हुई मल्टी-मोडैलिटी की इसमें परिकल्पना की गई है। एनएमपी पोर्टल पर मंजूरी/अनुमोदन आवश्यकताओं की पहचान करके भूमि अधिग्रहण और अन्य मंजूरियों को सुगम किया जा रहा है।

उत्तराखंड में 20 भूस्खलनों, 11 डूब क्षेत्रों और 2 पुलों के शमन उपायों के निर्माण हेतु प्रस्तावित यह परियोजना उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों, कर्णप्रयाग और गौचर जैसे औद्योगिक स्थानों, गौचर में स्थित हेलीपैडों एवं जो कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, इनके बीच पूरे वर्ष कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।

भारतमाला के तहत कानपुर शहर के चारों ओर 6-लेन बाईपास/रिंग रोड के निर्माण की ग्रीनफील्ड परियोजना से यात्रा की दूरी, समय और ईंधन की खपत कम होने की संभावना है। यह परियोजना कानपुर शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए उपयोगी होगी और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, एनएच-19 और चकेरी हवाई अड्डे की ओर सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

गतिशक्ति ढांचे और नेटवर्क योजना समूह मूल्यांकन प्रक्रिया के भीतर स्लरी पाइपलाइन परियोजनाओं को शामिल करने के इस्पात मंत्रालय के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, रेलवे मंत्रालय, पत्‍तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और नीति आयोग से एनपीजी सदस्यों ने संबंधित राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ 51वीं एनपीजी बैठक में भाग लिया।

13 अक्टूबर, 2021 को लॉन्च किया गया पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) बुनियादी ढांचागत योजना और कार्यान्वयन के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ का दृष्टिकोण अपनाता है। पीएम गतिशक्ति (पीएमजीएस) के परिचालन के लिए दो प्रमुख तत्व हैं: (i) जीआईएस डेटा आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म और (ii) संस्थागत ढांचा।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) को एक गतिशील भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है, जिसमें आर्थिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे, ट्रंक और यूटिलिटी नेटवर्क, मल्टीमोडल कनेक्टिविटी, पर्यटक स्थलों, भूमि राजस्व मानचित्रों, वन सीमाओं आदि पर परियोजना प्लानिंग और कार्यान्वयन के लिए जो डेटा चाहिए होता है उसे एनएमपी पर मैप किया गया है। एनएमपी को बुनियादी ढांचे की योजना और कार्यान्वयन में लाइन मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सहयोग करने के लिए प्रोजेक्ट प्लानिंग टूल, डायनेमिक डैशबोर्ड, एमआईएस रिपोर्ट जनरेशन आदि के साथ डेटा-आधारित निर्णय समर्थन प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है।

अब तक 8 बुनियादी ढांचा, 13 आर्थिक और 18 सामाजिक क्षेत्र के मंत्रालयों/विभागों और 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों सहित 39 लाइन मंत्रालयों/विभागों को पीएम गतिशक्ति एनएमपी पर शामिल किया गया है।

सचिवों के एक अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस), एक नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) और एक तकनीकी सहायता इकाई (टीएसयू) से युक्त यह संस्थागत ढांचा केंद्रीय स्तर पर पूरी तरह काम कर रहा है। अनुमोदित सीसीईए नोट के अनुसार, लॉजिस्टिक्स विभाग ने एनपीजी को शुरू किया और नवंबर 2021 से वह ईजीओएस के लिए सचिवालय के रूप में कार्य कर रहा है। प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में भी ऐसा संस्थागत ढांचा बनाना जरूरी था, जिसे पूरा किया जा चुका है और वह पूरी तरह से चालू है।

विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स), डीपीआईआईटी की अध्यक्षता में हर पखवाड़े आयोजित होने वाली एनपीजी बैठकों के दौरान, विभिन्न मंत्रालयों/विभागों के परियोजना प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाता है। जिसमें अन्य मंत्रालयों/वन/वन्यजीव तिथि परतों की संपत्तियों के साथ अंतरसंबंध सहित पीएम गतिशक्ति सिद्धांतों; आवास की लोकेशन बदलने को न्यूनतम करने के लिए संरेखण की उपयुक्तता; मौजूदा सरकारी भूमि का यथासंभव उपयोग; प्रभाव क्षेत्र का व्यापक सामाजिक-आर्थिक विकास, आदि का मूल्यांकन किया जाता है। इसका उद्देश्य व्यवधान को कम करना, पूरकताओं का पता लगाना, मल्टीमोडल कनेक्टिविटी के लिए अनुकूलित और समग्र योजना को बढ़ावा देना और अंतिम मील तक की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करना है।

Exit mobile version