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बिहार विश्वविद्यालय: बिहार में अंग्रेजी ऑनर्स करने वाले छात्रों को पढाई जायेंगी भारतीय ग्रंथों और संस्कृति से जुड़ी हुई चीजें

समग्र समाचार सेवा
पटना , 14जुलाई। बिहार के विश्वविद्यालय में इंग्लिश ऑनर्स करने वाले स्टूडेंट्स को भारतीय ग्रंथों और संस्कृति से जुड़ी हुई चीजों को पढ़ाया जाएगा. इसमें महाभारत, रामायण और अभिज्ञान शकुंतलम जैसे कई संस्कृत साहित्य को भी शामिल किया गया है. इन कहानियों को अंग्रेजी अनुवाद करके पढ़ाया जाएगा. यह बदलाव चार वर्षीय इंग्लिश ऑनर्स पढ़ने वाले पाठ्यक्रम में किया गया है. पहले तीन वर्ष के इंग्लिश ऑनर्स में उससे संबंधित कहानियां और उसका इतिहास पढ़ाया जाता था. लेकिन अब चार वर्ष के पाठ्यक्रम में स्टूडेंट्स को पहले सेमेस्टर में भारतीय ग्रंथों का अनुवाद पढ़ाया जाएगा. इस पाठ में मृतमटिका, अभिज्ञान शकुंतलम, महाभारत और रामायण के बालकांड जैसे कई चीजों को जोड़ा गया है.

कॉलेज में लगभग 140 छात्रों का हुआ नामांकन
एम जे के कॉलेज में अंग्रेजी ऑनर्स में अब तक 140 स्टूडेंट्स ने नामांकन किया है. डॉ तथागत बनर्जी ने बताया कि पहली सूची के आधार पर नामांकन प्रक्रिया पूरा हो चुका है. कॉलेज में 15 जुलाई से क्लास शुरू हो जाएगी. इसे देखते हुए बदले गए सिलेबस की किताबें मंगाई जा रही है.

लाइब्रेरी में अनुवाद पुस्तक उपलब्ध नहीं
डॉ तथागत ने बताया कि एमजेके कॉलेज के पुस्तकालय में पढ़ाए जाने वाले भारतीय ग्रंथों की किताबें या चैप्टर का अनुवाद उपलब्ध नहीं है. बिहार की विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी में भी यह किताबें नहीं मिल पा रही है. उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों का अनुवाद बाजार में मिल सकता है. इसकी सूची स्टूडेंट्स को दी गई है ताकि वे बाहर से खरीदकर उसे पढ़ सके. इस सूची को कॉलेज प्रशासन को भी दिया गया है ताकि इन पुस्तकों को बाहर से मंगवाई जा सके. गौरतलब है कि इन विषयों को पढ़ने के बाद छात्र और छात्राएं भारतीय संस्कृति और सभ्यता से परिचित होंगे और समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन आ सकेगा.

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