Site icon Samagra Bharat News website

नासा की चेतावनी,अभी और सितम ढाएगी गर्मी, टूटेंगे दुनिया के सभी रिकॉर्ड

समग्र समाचार सेवा 
नई दिल्ली, 21 जुलाई। जलवायु परिवर्तन से पूरी दुनिया परेशान है। गर्मी का दायरा बढ़ता जा रहा है। वहीं, सर्दी का समय सिकुड़ता जा रहा है। बदलते मौसम पैटर्न के कारण अब पहाड़ों में भी गर्मी का एहसास होने लगा है। इस बीच नासा के जलवायु वैज्ञानिक ने बहुत की चिंताजनक अनुमान लगाया है। गेविन श्मिट ने गुरुवार को कहा कि साल 2023 का जुलाई महीना संभवत: सैकड़ों, नहीं हजारों वर्षों में दुनिया का सबसे गर्म महीना साबित होने वाला है।

इससे पहले यूरोपीय संघ और मेन विश्वविद्यालय द्वारा संचालित उपकरणों में गर्मी के रिकॉर्ड टूट गए। हालांकि दोनों की रिपोर्ट एक-दूसरे से थोड़ी भिन्न है।

गेविन ने कहा, “हम पूरी दुनिया में अभूतपूर्व बदलाव देख रहे हैं। अमेरिका, यूरोप और चीन में हम जो गर्मी की लहरें देख रहे हैं, वे रिकॉर्ड ध्वस्त कर रही हैं।” इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ अल नीनो को इस बदले मौसम पैटर्न के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। यह तो अभी-अभी उभरा है।

मौसम के इस बदले स्वरूप में अल नीनो की एक छोटी भूमिका है। उन्होंने कहा, “हम जो देख रहे हैं वह समग्र गर्मी है। लगभग हर जगह एक जैसे हाल हैं। महासागरों में भी भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। हम कई महीनों से उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के बाहर भी रिकॉर्ड तोड़ तापमान देख रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा अनुमान है कि यह अभी जारी रहेगा। इसका सबसे बड़ा कारण वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ता दबाव है।” गेविन ने कहा, ”अभी जो हो रहा है उससे संभावना बढ़ रही है कि 2023 में रिकॉर्ड गर्मी होगी।”

उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा, “हमारा अनुमान है कि 2024 में और भी अधिक गर्मी होगी। आने वाले साल की शुरुआत अल नीनो से होने वाली है। इसकी शुरुआत हो चुकी है और यह साल के अंत तक अपने चरम पर होगी।”

Exit mobile version