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डायबिटीज डाइट : शुगर के पेशेंट के लिए कितने वक्त के अंतराल पर खाना रहता है सेहत के लिए सही

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01अगस्त।मधुमेह जिसे डायबिटीज और शुगर के नाम से भी जाना जाता है। ये दो तरह की होती है। टाइप-1 और टाइप- 2, जहां टाइप-1 डायबिटीज अनुवांशिक होती है वहीं टाइप-2 के लिए खराब लाइफस्टाइल और फूड हैबिट्स को जिम्मेदार माना जाता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल का ना तो अधिक होना अच्छा होता है और ना ही कम होना। दोनों ही स्थितियां सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं, तो इसे कंट्रोल में रखने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खानपान में जरूरी एहतियात बरतकर शुगर लेवल को घटने-बढ़ने से आसानी से रोका जा सकता है। इसके लिए हेल्दी चीज़ें खाएं साथ ही संतुलित मात्रा में खाएं। डायबिटीज़ के मरीजों को एक और जिस चीज़ का खास ध्यान रखना है वो है कितने समय के अंतराल पर खाना है।

डायबिटीज मरीजों को कितने समय के अंतराल पर खाना चाहिए?
सही तरीक़ा है कि हर दो घंटे के गैप पर कुछ हल्का-फुल्का खाते रहना चाहिए, लेकिन आप अगर किसी वजह से इस रूल को फॉलो नहीं कप पाते हैं, तो कोशिश करें कि आप रोज़ाना कम से कम चार बार (सुबह-शाम का नाश्ता और दोपहर-रात का भोजन) ज़रूर खाएं। डायबिटीज मरीजों की डाइट में खासतौर से प्रोटीन और फ़ैट की भरपूर चीज़ें शामिल होनी चाहिए और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होनी चाहिए। आप इसे ऐसे बैलेंस कर सकते हैं- ब्रेकफास्ट हेल्दी हो और उसमें लिमिटेड कार्बोहाइड्रेट हो। लंच और डिनर में प्रोटीन रिच चीज़ें लें। इससे डायबिटीज़ को मैनेज करना आसान हो जाएगा।

ध्यान दें
अगर आप दिन में कई बार खाते हैं, तो आपको खाने की मात्रा का ध्यान रखना है। एक ही बार में ज्यादा खाने के बजाय कम खाएं। इसके लिए बड़ी प्लेट की जगह छोटी प्लेट का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही कोशिश करें कि रोज़ाना एक ही समय पर खाएं। इससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है।

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