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सरकार ने इसरो द्वारा विकसित एसएसएलवी के प्रक्षेपण के लिए तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टिनम में एक नए स्पेसपोर्ट की स्थापना को स्वीकृती दी: डॉ. जितेंद्र सिंह

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11अगस्त। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष नीति-2023 को स्वीकृती दे दी गई है। इसे सार्वजनिक रूप से जारी कर दिया गया है और क्षेत्र के लिए खोल दिया गया है।

अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न हितधारकों जैसे इन-स्पेस, इसरो, एनएसआईएल और डॉस की भूमिकाओं को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार ने एकल खिड़की एजेंसी के रूप में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केन्द्र की स्थापना की है।

अंतरिक्ष गतिविधियों के प्रचार और प्राधिकरण गतिविधियों और इन-स्पेस के लिए बजट आवंटन:

वर्ष 2021-22 में 10 करोड़ रुपये

वर्ष 2022-23 में 33 करोड़ रुपये

वर्ष 2023-24 में 95 करोड़ रुपये

डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी-इंडिया (एलआईजीओ-इंडिया) परियोजना को भारत सरकार द्वारा 2600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई है। इसमें परमाणु ऊर्जा विभाग प्रमुख एजेंसी है। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद एलआईजीओ-इंडिया को गुरूत्व तरंगों का पता लगाने और खगोल विज्ञान के संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय सुविधा के रूप में संचालित किया जाएगा।

चंद्रयान-3 के मुद्दे पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष यान का सफल प्रक्षेपण किया गया।

एलवीएम-3 14 जुलाई 2023 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, एसएचएआर से 14:35 बजे उड़ान भरी थी। वर्तमान में, अंतरिक्ष यान लूनर-ऑर्बिट इंसर्शन (एलओआई) के साथ ट्रांसलूनर कक्षा में है।

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