समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20अगस्त। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में चल रहे साप्ताहिक श्रावण उत्सव के पांचवे दिन शनिवार को राजस्थान सरकार की मुख्य आवासीय आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह, आवासीय आयुक्त, राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त श्री धीरज श्रीवास्तव के साथ तीज माता का पूजा अर्चना कर शोभा यात्रा का आगाज किया।

उन्होंने बताया कि श्रावण उत्सव के दिल्ली में बसे प्रवासी राजस्थानीओं और राजधानी निवासियों के लिए खुशी की बात है कि इस उत्सव में राजस्थानी कला ,संस्कृति और राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट सामान एक ही परिसर में उपलब्ध होगा यहां आप राजस्थानी परिधान, राजस्थानी व्यंजनों, राजस्थानी कला और संस्कृति से सराबोर सांस्कृतिक गतिविधियों का लुत्फ उठा सकते हैं।
इस अवसर पर आवासीय आयुक्त श्री धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि राजस्थान पर्यटन, राजस्थान फाउंडेशन, बीकानेर हाउस प्रबंधन समिति और रूडा के सहयोग से 15 अगस्त से प्रारंभ हुआ यह श्रावण उत्सव 20 अगस्त 2023 तक रोजाना सुबह 10ः00 बजे से सायं 7ः00 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा। इस मेले में रूरल नॉनफार्म डेवलपमेंट एजेंसी (रुडा) द्वारा राजस्थानी आर्टिजंस के 40 से ज्यादा स्टाल लगाए गए हैं जिनमें राजस्थानी कला और संस्कृति के प्रतिनिधि आर्टिजंस का आर्ट और हैंडीक्राफ्ट सामान राजधानी के लोगों के लिए खरीदारी के लिए उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि इस उत्सव में रूरल नॉनफार्म डेवलपमेंट एजेंसी, (रूडा) के सहयोग से बीकानेर हाउस परिसर के गार्डन में राजस्थानी दस्तकारों के उत्पादों और दुकानों की जानकारी देते हुए रुडा के श्री ओम प्रकाश ने बताया कि हमने राजस्थान के चुनिंदा दस्तकारों को इस उत्सव में अपना हैंडीक्राफ्ट सामान आगंतुकों को बेचने के लिए बुलाया है, इन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों में ब्लू पॉटरी, स्टोन वर्क, राजस्थानी ज्वेलरी, मार्बल, ब्रास मेटल वर्क, क्ले फेस, राजस्थानी जूतियां, बाड़मेरी एंब्रॉयडरी, सांगानेरी पिं्रट, बगरू हैंड ब्लॉक पिं्रट, राजस्थानी साड़ियां -सूट, टेराकोटा, वुडन क्राफ्ट, गोटा पत्ती, तारकशी का कार्य, लैदर बैग, राजस्थानी पेंटिंग, कोटा डोरिया, अजरक़ पिं्रट, पोकरण पोटरी, पटवा वर्क, कावड़ कास्ट कला, राजस्थानी बैंगल्स सहित विभिन्न प्रकार के राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट आइटम्स आगंतुकों के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर भारत के जी-20 के शेरपा श्री अमिताभ कांत, भारतीय प्रषासनिक सेवा के अधिकारी, विभिन्न देषों के उच्चायोग के प्रतिनिधि, विभिन्न राज्यों के आवासीय आयुक्तों सहित अन्य दिल्ली स्थित राज्य सरकार के कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।