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ब्रिक्स के मंच पर पीएम मोदी से बातचीत करते नजर आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

Bali, Nov 15 (ANI): Prime Minister Narendra Modi interacts with his United Kingdom counterpart Rishi Sunak on the first day of the 17th G20 Summit, in Bali on Tuesday. (ANI Photo)

समग्र समाचार सेवा
जोहान्सबर्ग, 24अगस्त। लद्दाख में चल रहे तनाव के बीच दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई है। इस घटना के वीडियो में नजर आ रहा है कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग आपस में अनौपचारिक बातचीत कर रहे हैं। दोनों ही नेता प्रेस को बयान जारी करने से पहले मंच पर जा रहे थे। इस दौरान रास्‍ते में पीएम मोदी शी जिनपिंग को कुछ समझाते हुए नजर आ रहे हैं। यही नहीं मंच पर दोनों नेताओं ने हाथ भी मिलाया। पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब अगले महीने जी-20 देशों का नई दिल्‍ली में शिखर सम्‍मेलन होने जा रहा है। इस जी-20 शिखर सम्‍मेलन में जिनपिंग के हिस्‍सा लेने पर अभी संशय बना हुआ है।

लद्दाख के गलवान घाटी में खूनी हिंसा के बाद से ही भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव बना हुआ है। दोनों नेताओं के बीच इस मुलाकात को बहुत रोचक घटना माना जा रहा है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच 19 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई सर्वमान्‍य हल होता नहीं दिख रहा है। हाल ही में हुई ताजा बातचीत में दोनों सेनाओं के बीच सीमित वापसी पर सहमति बनी है लेकिन अभी इसको सर्वोच्‍च स्‍तर पर मंजूरी नहीं मिल पाई है। इससे पहले जी-20 के इंडोनेशिया में हुए शिखर सम्‍मेलन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच संक्षिप्‍त बातचीत हुई थी।

गलवान हिंसा के बाद यह पहली बार हुआ था कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। अब शी जिनपिंग को नई दिल्‍ली आना है लेकिन अभी तक इसको लेकर औपचारिक ऐलान नहीं हो पाया है। इस बीच दोनों देशों में ब्रिक्‍स के विस्‍तार को लेकर तनाव बना हुआ था लेकिन अब उसका हल हो गया है। ब्रिक्‍स में 6 नए देशों को शामिल किया जा रहा है। ब्रिक्स द्वारा छह देशों को अपने नए सदस्य के तौर पर शामिल करने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि समूह का आधुनिकीकरण और विस्तार यह संदेश है कि सभी वैश्विक संस्थानों को बदलते दौर में खुद को बदलने की जरूरत है।

मीडिया ब्रीफिंग में मोदी ने कहा कि अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्यों के रूप में शामिल करने से समूह को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी। जोहानिसबर्ग में तीन दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अंत में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने पांच देशों के समूह के विस्तार पर निर्णय की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नए सदस्य देश एक जनवरी, 2024 से ब्रिक्स का हिस्सा बन जाएंगे। अपनी टिप्पणी में, मोदी ने कहा कि समूह के विस्तार का निर्णय बहुध्रुवीय दुनिया में कई देशों के विश्वास को और मजबूत करेगा।

ब्रिक्‍स के विस्‍तार पर क्‍या बोले पीएम मोदी ?
मोदी ने रामफोसा, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की मौजूदगी में अपने मीडिया बयान में यह टिप्पणी की। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना मीडिया बयान दिया। अपनी टिप्पणी में, मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा ब्रिक्स के विस्तार का पूरा समर्थन किया है तथा माना है कि नए सदस्यों के जुड़ने से समूह और मजबूत होगा। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी टीमें ब्रिक्स के विस्तार के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं पर एक साथ सहमत हुई हैं।” उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि तीन दिनों के विचार-विमर्श से कई सकारात्मक नतीजे निकले।”

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