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“मेरी माटी मेरा देश” अभियान के पहले चरण में देखने को मिली व्यापक जनभागीदारी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,16 सिंतबर।देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले ‘वीरों’ को श्रद्धांजलि देने के लिए 9 अगस्त को एक राष्ट्रव्यापी अभियान “मेरी माटी मेरा देश”शुरू किया गया। यह अभियान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ का समापन कार्यक्रम है, जो 12 मार्च 2021 को शुरू हुआ और पूरे भारत में 2 लाख से अधिक कार्यक्रमों में व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली।

इस अभियान में स्वतंत्रता सेनानियों और सुरक्षा बलों को समर्पित शिलाफलकम की स्थापना जैसे कार्यक्रमों के साथ-साथ पंच प्रण प्रतिज्ञा, वसुधा वंदन, वीरों का वंदन पहल के माध्यम से हमारे बहादुरों के वीरतापूर्ण बलिदानों का सम्मान किया गया।

मेरी माटी मेरा देश अभियान का पहला चरण व्यापक पहुंच और बड़ी संख्या में जनभागीदारी के साथ अभूतपूर्व रूप से सफल साबित हुआ है। अब तक 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 2.33 लाख से अधिक शिलाफलकम बनाए जा चुके हैं। अब तक लगभग 4 करोड़ पंच प्रण प्रतिज्ञा वाली सेल्फी वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी हैं। देश भर में वीरों के लिए 2 लाख से अधिक सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वसुधा वंदन थीम के तहत, 2.36 करोड़ से अधिक स्वदेशी पौधे लगाए गए हैं और 2.63 लाख अमृत वाटिकाएं बनाई गई हैं।

अब यह अभियान देश भर में अमृत कलश यात्राओं की योजना के साथ अपने दूसरे चरण में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अखिल भारतीय आउटरीच अभियान के रूप में, इसका उद्देश्य देश के हर घर तक पहुंचना है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के 6 लाख से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों से मिट्टी व चावल के दाने एकत्र किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे ब्लॉक स्तर पर मिश्रित करके ब्लॉक स्तरीय कलश बनाया जाएगा। राज्य की राजधानी से औपचारिक तौर पर विदा किए जाने के बाद ये कलश राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। शहरी क्षेत्रों में, मिट्टी को वार्डों से एकत्र किया जा रहा है और राज्य की राजधानी के माध्यम से दिल्ली में मिश्रण और परिवहन के लिए बड़े शहरी स्थानीय निकायों में लाया जा रहा है। उम्मीद है कि अंतिम कार्यक्रम के लिए अक्टूबर के अंत तक 8500 से अधिक कलश दिल्ली पहुंचेंगे। भारत के सभी कोनों से एकत्र की गई मिट्टी को अमृत वाटिका और अमृत स्मारक में रखा जाएगा, जिससे आजादी का अमृत महोत्सव मनाए जाने की विरासत तैयार होगी।

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