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किसान की प्रगति के बिना कोई प्रगति नहीं हो सकती, किसान देश का पेट भरता है-उपराष्ट्रपति धनखड़

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 27सितंबर। उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ ने आज बाड़मेर के गुड़ामालानी, में ICAR के क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास किया, इस शिलान्यास के अवसर पर वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश के प्रयासों से राजस्थान के बाड़मेर में आज इस बाजरा अनुसंधान संस्थान की आधार शिला रखी गई है।

उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया के अंदर मोटे अनाज के बारे में जागरूकता बढ़ाकर वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष की घोषित कराया, यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

उपराष्ट्रपति ने कहा एक दशक पहले हम पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाते थे हमारी अर्थव्यवस्था पूरी तरीके से चरमरा गई थी और 2022 में दुनिया की पांचवीं सबसे शक्तिशाली आर्थिक महाशक्ति बन गए। आज हमारे देश का किसान तकनीकी रूप से इतना सक्षम हो गया है कि पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से भेजी जाने वाली राशि किसान सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर रहा है, इसमें कोई बिचौलिया नहीं है, और न ही किसी प्रकार का कमीशन देना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि आज जो केंद्र यहां खुल रहा है उसका असर केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश और विदेश पर भी पड़ेगा।

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में आगे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री माननीय नरेन्द्र सिंह तोमर और किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी जी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सभी सांसदों को बाजरे से बने व्यंजन का भोजन कराया, उन्होंने कहा कि सभी लोग भोजन कर रहे थे और कैलाश जी स्वयं अपने हाथों से भोजन परोस रहे थे। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि बाजरे से बना भोजन बहुत ही स्वादिष्ट भोजन था। शुरू से लेकर आखिरी तक पेय पदार्थ से लेकर मिठाई तक सूप से लेकर सब्जी तक सब कुछ मोटे अनाज का बना था। मैंने मेरी जिंदगी में आज तक इतना श्रेष्ठ भोजन नहीं किया।

उपराष्ट्रपति ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग इतनी तपती हुई धूप में यहां आए हैं, मैं आप सभी को नमन करता हूं और यह भी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में हमारा परिचय एक कृषक पुत्र के रूप में कराया था, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। किसान के बिना कोई प्रगति नहीं हो सकती, किसान वह इंजन है जो राजनीति की गाड़ी को भी चलाता है और देश का पेट भी भरता है। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि जब मैं पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बना तब से मैं बाड़मेर का ही बाजरा खा रहा हूं और अभी जब जहाज में आ रहा था तो मेरे भोजन में मोटे अनाज के बने हुए व्यंजन और लौकी की सब्जी थी।

हाल ही संसद में पारित हुए महिला आरक्षण बिल की तारीफ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए अभी एक महत्वपूर्ण बिल पास हुआ है इस बिल का पास होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक की तारीफ करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह दिल और दिमाग से किसानों के हित में काम कर रहे हैं साथ ही उन्होंने आईसीएआर के सभी कृषि वैज्ञानिकों व स्टाफ को बधाई देते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा किसान पुत्र राष्ट्रवाद को हमेशा सर्वोपरि रखते हैं और देश के विकास में सर्वश्रेष्ठ योगदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं आपसे आग्रह करता हूं, हमारा देश एक बदलाव का केंद्र बना है, हमें इस पर गर्व करना चाहिए, यहां से मैं बहुत सी यादें लेकर जा रहा हूं, आपका अन्न मैंने चार साल तक खाया है और आजीवन मैं आपका ही अन्न खाता रहूंगा।

गुड़ामालानी में बाजरा केंद्र का शिलान्यास करने के बाद उपराष्ट्रपति श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ आसोतरा के दर्शन करने पहुंचे और वहाँ पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा:
“यह अद्वितीय ब्रह्मा-सावित्री सिद्धपीठ लोगों की असीम श्रद्धा का केंद्र है, मन को ऊर्जा देने वाला है।
सृष्टि के स्वामी बृह्मा जी सभी का मंगल करें, सभी सुखी हों यही कामना है।
जय खेतेश्वर दाता री सा!”

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री माननीय नरेंद्र तोमर (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा), माननीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री, कैलाश चौधरी , भीमा राम , माननीय मंत्री राजस्थान सरकार, कृषि वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में पधारे सरपंच के साथ साथ कई अन्य गणमान्य लोग और दूर दूर से आए बड़ी संख्या में हमारे अन्नदाता किसान भाई बहन और युवा साथी उपस्थित रहे।

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