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शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन इस शुभ मुहूर्त में करें देवी स्कंदमाता की उपासना

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,19 अक्टूबर। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है. वैदिक पंचांग के अनुसार, गुरुवार के दिन शारदीय नवरात्रि का पंचम व्रत रखा जाएगा. इस दिन देवी स्कंदमाता की उपासना का विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशेष दिन पर मां भगवती के पंचम स्वरूप की उपासना करने से साधक को बल, बुद्धि, विद्या और ऐश्वर्या की प्राप्ति होती है. इस विशेष दिन पर देवी स्कंदमाता की उपासना के लिए तीन अत्यंत शुभ योग का निर्माण हो रहा है. जिनमें पूजा-पाठ करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है. आइए जानते हैं, शारदीय नवरात्रि पंचम दिवस पंचांग और देवी स्कंदमाता पूजा मुहूर्त.

शारदीय नवरात्रि 2023 देव स्कंदमाता पूजा मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि होगी. बता दें कि पंचमी तिथि 19 अक्टूबर रात्रि 01:12 से शुरू होगी और 20 अक्टूबर मध्य रात्रि 12:31 पर समाप्त हो जाएगी. इस दिन सौभाग्य और शोभन योग का निर्माण हो रहा है. सौभाग्य योग सुबह 06:54 तक रहेगा और इसके बाद शोभन योग शुरू हो जाएगा. साथ ही इस विशेष दिन पर रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो रात्रि 09:04 से 20 अक्टूबर शाम 06:25 तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ मुहूर्त में मां भगवती की उपासना करने से व्यक्ति को विशेष लाभ मिलता है.

शारदीय नवरात्रि 2023 पंचमी तिथि पंचांग
ब्रह्म मुहूर्त- 04 बजकर 43 मिनट से 05 बजकर 34 मिनट तक

अभिजित मुहूर्त- 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त- शाम 05 बजकर 48 मिनट से 06 बजकर 15 मिनट तक

सूर्योदय- सुबह 06 बजकर 24 मिनट पर

सूर्यास्त- शाम 17 बजकर 48 मिनट पर

चन्द्रोदय- सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर

चन्द्रास्त- सुबह 08 बजकर 56 मिनट पर

देवी स्कंदमाता मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

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