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हरियाणा के 372 लापरवाह पुलिसकर्मी होंगे सस्पेंड, यहां जानें गृहमंत्री अनिल विज ने क्यों दिया यह आदेश

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 24अक्टूबर। हरियाणा पुलिस में जांच को लटकाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गृहमंत्री अनिल विज ने सोमवार को पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। गृहमंत्री ने पत्र में एक साल में एफआईआर न निपटाने वाले 372 जांच अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने की सिफारिश की है। इन अफसरों पर मामलों की जांच को एक साल से भी अधिक समय तक लटकाने का आरोप है। गृहमंत्री अनिल विज ने पूर्व पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल के कार्यकाल में भी लंबित केसों का मामला उठाया था। अनिल विज अक्सर अंबाला में राज्य स्तरीय खुला दरबार लगाते हैं, जिसमें पूरे प्रदेश के लोग पुलिस विभाग से संबंधित अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। इनमें बहुत से मामले ऐसे हैं, जिन्हें पुलिस अफसरों ने एक साल से भी लंबे समय से लटकाया है। अनिल विज ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 11 मई 2023 को पत्र लिखकर सूचना भी मांगी थी। अग्रवाल के बाद पुलिस महानिदेशक बने शत्रुजीत कपूर को भी गृहमंत्री ने पत्र लिखकर राज्य के सभी जिलों से लंबित केसों का ब्यौरा मांगा था।

यह जानकारी मिलने के बाद गृहमंत्री ने कई केसों की अपने स्तर पर जांच करवाई है। जिसमें पता चला है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा कई केसों को लटकाया जा रहा है| पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र के अनुसार विज ने बताया है कि प्रदेश में दर्ज एफआईआर के शीघ्र निपटारे के लिए कई बार कहा गया है।

पिछले महीने उन्होंने आदेश दिया था कि उन सभी जांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाए जिन्होंने एक वर्ष में एफआईआर का निपटारा नहीं किया है। इन मामलों की संख्या बहुत अधिक थी जो लगभग 3229 से ऊपर है।
विज ने पत्र में दुख जताते हुए कहा है कि उनके निर्देश के बावजूद अभी भी 372 जांच अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने मामलों का अंतिम रूप से निपटारा नहीं किया है और उनके द्वारा बताए गए कारण संतोषजनक नहीं हैं। वह लोगों को उनकी शिकायतों पर कार्रवाई के लिए एक जगह से दूसरे जगह तक भटकने पर मजबूर कर रहे हैं जोकि बेहद गंभीर मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

गृह मंत्री ने पत्र में कहा है कि इन सभी जांच अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया जाए और उनके मामलों को एक महीने में अंतिम निपटान के लिए संबंधित डीएसपी को स्थानांतरित कर दिया जाए, अन्यथा उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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