Site icon Samagra Bharat News website

अयोध्या में भारतीय मंदिरों के इतिहास और परंपराओं को बताने के लिए होगा संग्रहालय का निर्माण

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28अक्टूबर। भारतीय मंदिरों की समृद्ध स्थापत्य परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए अयोध्या में एक संग्रहालय बनाया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस सुझाव के बाद परियोजना के लिए 25 एकड़ जमीन की पहचान की गई है कि राम मंदिर आने वाले तीर्थयात्रियों का लंबे समय तक ठहराव सुनिश्चित करने के लिए शहर में परियोजनाएं शुरू की जानी चाहिए. PM मोदी ने यह सुझाव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दिया, जिन्होंने 22 जनवरी को निर्माणाधीन राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए मोदी को आमंत्रित करने के वास्ते 25 अक्टूबर को उनसे मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करने के बाद कहा था कि वह धन्य महसूस कर रहे हैं कि वह इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे.

सूत्रों ने कहा कि इसी तर्ज पर अयोध्या में कई अन्य परियोजनाएं भी शुरू की जा रही हैं ताकि राम मंदिर के दर्शन के लिए शहर में आने वाले तीर्थयात्रियों को लंबे समय तक रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं मिल सकें. सूत्रों ने बताया कि न्यास के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि भगवान में लोगों की आस्था उन्हें पवित्र स्थानों पर ला सकती है लेकिन यह जरूरी नहीं कि यह आस्था उनके लंबे समय तक रहने की गारंटी हो. उन्होंने अपने सुझाव देते हुए कहा कि अन्य प्रयासों से ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है. मोदी का सुझाव अयोध्या में शुरू की जा रही कई परियोजनाओं के लिए प्रेरक शक्ति है और उनका विचार यह सुनिश्चित करना है कि शहर में आने वाले लोग न केवल मंदिर के दर्शन करें बल्कि अन्य आकर्षण देखने के लिए कुछ दिनों तक वहां रहें.

सूत्रों ने कहा, इसी तर्ज पर शुरू की जा रही एक प्रमुख परियोजना भारतीय मंदिरों की वास्तुकला को प्रदर्शित करने वाला संग्रहालय है जो देश भर के मंदिरों की समृद्ध स्थापत्य परंपराओं के विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करेगा. उन्होंने कहा कि अन्य परियोजनाओं में ‘राम चरित मानस अनुभव केंद्र’ शामिल है जो भगवान राम के जीवन को आकर्षक तरीके से चित्रित करेगा, जबकि एक विश्व स्तरीय मोम संग्रहालय राम के युग से संबंधित विभिन्न विषयों को चित्रित करेगा.

अयोध्या हाट और अयोध्या एयरोसिटी जैसी परियोजनाओं के अलावा कमल के फूल के आकार में एक विशाल मल्टीमीडिया फाउंडेशन पार्क भी बनाया जा रहा है.

Exit mobile version