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जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का बड़ा भंडाफोड़, सरकार ने 4 कर्मचारियों को किया बर्खास्त

Big expose of anti-national activities in Jammu and Kashmir, government sacked 4 employees

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 22नवंबर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आज यानी बुधवार, 22 नवंबर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. जानकारी के अनुसार, डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर (DAK) के अध्यक्ष सहित चार कर्मचारियों को इस कानून के तहत बर्खास्त कर दिया गया. डीएके अध्यक्ष के अलावा, एक पुलिस कांस्टेबल, एक शिक्षक और उच्च शिक्षा विभाग में एक लैब बियरर को बर्खास्त किया गया. प्रशासन ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 (2) (सी) के तहत यह कार्रवाई की, जो अनुच्छेद सरकार को बिना जांच किए कर्मचारियों को बर्खास्त करने का अधिकार देता है.

प्रशासन ने चार कर्मचारियों को किया बर्खास्त
बर्खास्त कर्मचारियों में डीएके अध्यक्ष डॉ. निसार उल हसन, उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला बियरर के रूप में कार्यरत अब्दुल सलाम राथर, जम्मू-कश्मीर पुलिस विभाग में एक कांस्टेबल अब्दुल मजीद भट और जम्मू-कश्मीर में स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में कार्यरत फारूक अहमद मीर का नाम शामिल हैं.

जानें कर्मचारियों को क्यों बर्खास्त रहा प्रशासन
बता दें जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंक के आरोप में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत लगभग 60 कर्मचारियों को बर्खास्त कर चुकी है. इस साल जुलाई में प्रशासन ने उक्त अनुच्छेद को लागू करके इसी तरह के आरोप में कश्मीर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी सहित चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था. कर्मचारियों को बर्खास्त करने के लिए अलग-अलग आदेश जारी किए गए. आदेश हमेशा लिखा होता है, उपराज्यपाल इस बात से संतुष्ट हैं कि बर्खास्त कर्मचारियों की गतिविधियां ऐसी है कि उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा सकता है. ऐसे मामलों के बारे में तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध जानकारी पर विचार करने के बाद कदम उठाया गया.

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