समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3दिसंबर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के जूनागढ़ में दिव्यकांत नाणावटी जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित ‘स्मृति पर्व’ कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि दिव्यकांत नाणावटी जी उन लोगों में से हैं जो समाज के लिए जीते है और दूसरों के लिए कुछ करते हैं। उन्होंने कहा कि रुपायतन संस्था ने आज एक ऐसी पुस्तक का प्रकाशन किया है नई पीढ़ी के नेताओं को निश्चित रूप से मार्गदर्शन देने वाली सिद्ध होगी। श्री शाह ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अगर कोई 100 सालों के बाद भी याद करता है तो इसका अर्थ है कि उस व्यक्ति का जीवन सार्थक रहा है। श्री दिव्यकांत जी लगातार दो बार विधायक बने और गुजरात के कानून और न्याय मंत्री भी रहे और उन्होंने ना सिर्फ जूनागढ़ बल्कि गुजरात के सार्वजनिक जीवन में भी अनेक प्रकार के योगदान दिए।

अमित शाह ने कहा कि रुपायतन संस्था भी लगभग 75 सालों से सामाजिक जीवन के विभिन्न आयामों पर बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भीखुदान जी ने गुजरात और सौराष्ट्र की कला को पुरानी पीढी से नई पीढी तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भीखुदान गढवी, काग बापू और आज के साहित्यकारों के बीच की पीढी के सेतु और उन्होंने गुजरात के साहित्य में बहुत बडा योगदान दिया है। शाह ने कहा कि जब नरेन्द्र मोदी जी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने भीखुदान जी के योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित करने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के योग्य व्यक्ति को पद्म पुरस्कार मिल सके इसकी पूरी व्यवस्था खड़ी करने का काम किया।