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छत्तीसगढ़ में वोटर्स को क्यों नहीं लुभा पाई कांग्रेस, कैसे पहली बार बीजेपी ने पार किया 50 का आंकड़ा?

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4दिसंबर। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद पहली बार BJP ने 50 सीटों का आंकड़ा पार किया है. वहीं, कांग्रेस इस बार के चुनाव में अपने 2018 के प्रदर्शन को दोहराने में विफल रही. पिछले चुनाव में पार्टी ने 90 में से 68 सीटों पर जीत हासिल की थी. इस बार कांग्रेस को केवल 35 सीटें ही मिली हैं.

3 दिसंबर को नतीजे घोषित होने के बाद बीजेपी ने 90 सीटों वाली विधानसभा में अपनी सीटों की संख्या 15 से बढ़ाकर 54 कर कांग्रेस को बढ़त देने वाले एग्जिट पोल को झूठा साबित कर दिया.

भूपेश बघेल की कैबिनेट के 13 में से 9 मंत्री हारे
कांग्रेस के प्रति जनता की नाराजगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भूपेश बघेल कैबिनेट के 13 में से नौ मंत्री अपनी सीट नहीं बचा सके. बघेल (पाटन निर्वाचन क्षेत्र) तथा उनके मंत्री कवासी लखमा (कोंटा), उमेश पटेल (खरसिया) और अनिला भेड़िया (डौंडीलोहारा) ही BJP की लहर का सामना करने में कामयाब रहे.

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत ने अपनी सक्ती सीट जीत ली है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज चित्रकोट से हार गए.

BJP के ज्यादातर बड़े चेहरे जीते चुनाव
BJP की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह राजनांदगांव से चुनाव जीत गए हैं. BJP प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण साव ने लोरमी सीट जीत ली है तथा पत्थलगांव सीट पर एक अन्य सांसद गोमती साय भी विजयी हुईं. केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह ने भरतपुर-सोनहत से तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णु देव साय ने कुनकुरी सीट जीत ली है.

BJP के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल (रायपुर शहर दक्षिण), अजय चंद्राकर (कुरुद), पुन्नूलाल मोहिले (मुंगेली), अमर अग्रवाल (बिलासपुर), दयालदास बघेल (नवागढ़) और राजेश मूणत (रायपुर शहर पश्चिम) ने भी जीत हासिल की है. पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी और नीलकंठ टेकाम भी अपनी अपनी सीट जीतने में सफल हुए हैं.

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