समग्र समाचार सेवा
इंफाल, 10दिसंबर। अनुसुईया उइके जी राज्यपाल मणिपुर इंडियान मेडीकल एसोसियेशन मणिपुर स्टेट ब्रान्च द्वारा आयोजित 39 वीं आल मणिपुर मेडिकल कान्फ्रेंस 2023 के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुई। इस कान्फ्रेन्स का विषय साईको-सोशल स्टेबिलिटी नीड आफ दा आबर“ था।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की स्थापना 1928 में हुई थी। आज देश में 1700 शाखाओं और लगभग 3,50,000 डाक्टर सदस्यों के साथ सबसे बड़ा संघ है। एसोसियेशन राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में योगदान देता है। एसोसियेशन सरकारी और निजी क्षेत्रों के डाक्टरों के अधिकारों की रक्षा और उनकी भलाई को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
एसोसियेशन एक बहुत अच्छी जर्नल हेकचांग पाओजेल निकाल रही। हमारे डाक्टरों और चिकित्सा कर्मियों द्वारा राज्य में स्वास्थ्य के लिए जो काम किया जा रहा है वह सराहनीय है। डाक्टर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में मदद करते हैं, विशेषकर उन लोगों को जो अधिक महंगे निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकते।
हमें मेडीकल आवश्यकताओं को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना होगा ताकि इसे ग्रामीण आबादी तक आसानी से पहुंचाया जा सके। साथ ही बुनियादी ढांचा विकसित करने की भी आवश्यकता है। मणिपुर में बच्चों में अंधापन बढ़ रहा है। इसके लिए विस्तृत सर्वेक्षण और इसकी रोकथाम के प्रयास डाक्टर एवं संबंधितों द्वारा करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य देखभाल का पूरा कार्य सरकार अकेले नहीं कर सकती। हमें स्वास्थ्य और बाडी फिटनेस में सुधार करके बीमारियों को रोकने की शुरुआत करनी चाहिए। मेडिकल मांग को देखते हुए वालिन्टियर और संगठनों को हास्पिटल और अन्य हैल्थ केयर सेन्टर स्थापित करने के लिए मोटिवेट किया जाना चाहिए।
चिकित्सा विज्ञान भारत के लिए नया नहीं है। वर्षो पूर्व प्राचीन भारत के महान चिकित्सक सुश्रुत ने अपनी पुस्तक में बीमारियों और उनके प्रबंधन और सर्जरी के उत्कृष्ट उपचार के बारे में लिख दिया था। उन्होंने एसोसिएशन से यह भी अपील की कि राज्य के रिमोट एरिया में अधिक से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित करें। मुझे विश्वास है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अपने उद्देश्य, लोगों को अधिक से अधिक वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना और जीवनशैली में सुधार करने के लक्ष्य के अनुरूप कार्य करेगा।
इस समय मणिपुर प्रदेश के बहुत से व्यक्ति विगत दिनों की घटना से प्रभावित हुए हैं। उन्हें कैम्पों में रहना पड़ रहा है, असुरक्षा की भावना मन में है। इसलिये विभिन्न प्रकार के मेन्टल स्ट्रेस की वजह से बी.पी., सुगर, अनिद्रा, जैसे गंभीर रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। आपसे अपील है कि इन समस्याओं से समाधान के लिये प्रयास करें लोगों की मदद करें।