समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 11दिसंबर। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और केंद्रीय राज्य मंत्री (दिव्यांगजन) कुमारी प्रतिमा भौमिक उपस्थित ने समावेशिता और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग को उजागर करने वाले एक महत्वपूर्ण अवसर पर आज वंशिका नंद किशोर माने और अन्य सात दिव्यांग लाभार्थियों को एक करोड़वां विशिष्ट विकलांगता पहचान (यूडीआईडी) कार्ड प्रदान किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने आत्मनिर्भरता में एक मील का पत्थर प्रदर्शित करते हुए एक स्वदेशी आईक्यू मूल्यांकन परीक्षण किट राष्ट्र को समर्पित किया।
राज्य मंत्री (दिव्यांगजन) कुमारी प्रतिमा भौमिक ने कहा कि सरकार द्वारा विकसित उपकरणों से उत्तर पूर्व के दूरगामी क्षेत्रों और यहां तक कि अन्य देशों को भी लाभ होना चाहिए। उन्होंने परीक्षण किट के स्वदेशीकरण पर संतोष व्यक्त किया और बौद्धिक दिव्यांगता के क्षेत्र में नए अनुसंधान का मार्ग प्रशस्त करने तथा भारतीय नागरिकों को सबसे कम लागत पर उपकरण तक पहुंच प्रदान करने की इसकी क्षमता पर बल दिया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) के माता-पिता और भाई-बहनों के लिए पाठ्यक्रम विकसित करने, उन्हें दिव्यांग बच्चों के कल्याण में महत्वपूर्ण हितधारकों के रूप में मान्यता देने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गौरतलब है कि देश में प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख यूडीआईडी कार्ड बनाए जा रहे हैं। उपयोगकर्ताओं के लिए आसानी हो इसलिए आवेदन प्रक्रिया कोभी बहुत ही सरल बनाई गया है साथ ही आधार लिंकेज को भी अनिवार्य किया गया है।