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जो लोग सरकार पर करते हैं संदेह बाद में गलत साबित होंगे- पीएम मोदी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21दिसंबर। देश में हाल ही में सपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में तीन राज्यों में पार्टी को मिली जीत से गदगद पीएम मोदी ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए अपने इंटरव्यू में भारत के आर्थिक विकास से लेकर भारत में मुसलमानों की स्थिति को पर अपना नजरिया साफ किया. पीएम मोदी ने किसी विदेशी अखबार को यह इंटरव्यू 2024 के लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले दिया है. पीए मोदी ने कहा कि भारत के प्रति लोगों का नजरिया बदला है.

प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि आज के 10 साल पहले भारत के लोग जो सोचते थे, आज उससे हटकर सोचना शुरू कर दिए हैं. भारत के लोग अब यह सोच रहे हैं कि हमारा देश उड़ान भरने को तैयार है.

फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक, जनसंख्या के मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. बड़े-बड़े बिजनेस कंसल्टैंट्स से लेकर बैंक तक भारत को दुनिया के सबसे अवसर वाले देश के तौर पर देखना शुरू कर दिए हैं. जबकि, चीन को लेकर दुनिया के लोगों में आशंकाएं शुरू हो गई हैं.

दुनिया के बड़े-बड़े लीडर्स समेत खुद भारत के लोग इस बात के बारे में अंदाजा लगा रहे हैं कि मोदी के अगले 5 साल के कार्यकाल में भारत कहां तक पहुंचेगा.

इंटरव्यू के दौरान, 2024 की तीसरी पारी से पहले पीएम मोदी काफी कान्फिडेंट दिखे. पीएम मोदी ने कहा कि आज के 10 साल पहले के भारत और आज के भारत में काफी फर्क आ गया है. आज लोगों को इस बात का अहसास है कि हमारा देश उड़ान भरने को तैयार है. भारतवासी यह चाहते हैं कि इस फ्लाइट की गति को और बढ़ाया जाए. इसको इत्मीनान करने के लिए यह सबसे अच्छी पार्टी है जो उन्हें यहां तक पहुंचाई है.

पीएम मोदी से भारत के मुसलमानों को लेकर भी सवाल दागे गए. इसके जवाब में उन्होंने भारत के पारसी समुदाय की आर्थिक सक्सेस की और इशारा किया. भारत में मुसलमानों को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होते हैं. यहां तक कि एंटी हेट स्पीच का भी जिक्र बार-बार आता है. क्रिटिक्स तो यह भी सवाल खड़े करते हैं कि पार्टी में इस समय कोई मुस्लिम सांसद या कोई सीनियर मिनिस्टर नहीं है. इस पर पीएम मोदी ने पारसियों की सफलता को लेकर चर्चा करने लगे. पारसी कम्यूनिटी को भारत में रहने वाले धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों की श्रेणी में गिना जाता है, क्योंकि इनकी आबादी बेहद कम है. इससे पीएम मोदी ने एक बड़ा संदेश दिया.

भारत के तकरीबन 20 करोड़ मुसलमानों पर बिना किसी डायरेक्ट संदर्भ के पीएम ने कहा कि दुनिया में कहीं पर भी उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद, उन्हें भारत में सुरक्षित पनाह मिली है. वे खुशहाल और समृद्ध जीवन जी रहे हैं. इससे यह पता चलता है कि इंडियन सोसायटी में किसी भी धार्मिक अल्पसंख्यक के प्रति भेदभाव की कोई भावना नहीं है.

बता दें, 2024 में अप्रैल-मई में भारत के के करीब 94 करोड़ वोटर लोकसभा चुनाव में अपने वोट से नई सरकार का चुनाव करेंगे. पीएम मोदी के समर्थक और भारतीय जनता पार्टी जीत का दावा कर रही है, क्योंकि सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है और लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है.

पीएम मोदी पर अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आरोप लगते रहे हैं. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में हैं. इंटरव्यू के दौरान जब पीएम मोदी से विरोधियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया तो पीएम ने कहा कि यहां एक पूरा इकोसिस्टम है जो हमारे देश में मौजूद स्वतंत्रता का इस्तेमाल एडिटोरियल, टीवी चैनलों, सोशल मीडिया, वीडियो, ट्वीट आदि के माध्यम से हर दिन हम पर ये आरोप लगाने के लिए कर रहा है. उनका यह अधिकार है. साथ ही, दूसरों को तथ्यों के साथ जवाब देने का समान अधिकार भी है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि बाहर के लोगों का इतिहास काफी लंबा रहा. वे भारत को कम करके आंकते थे. 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो यहां से वापस जाने वाले अंग्रेजों ने भारत के भविष्य के बारे में बेहद खतरनाक भविष्यवाणी की थी. लेकिन हमने देखा कि उनकी भविष्यवाणियां और परसेप्शन सभी झूठे साबित हो गए. इसी तरह से आज जो लोग उनकी सरकार पर संदेह कर रहे हैं, वे भी गलत साबित होंगे.

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