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हमारे देश की ताकत गरीबों के सादगीपूर्ण घरों, गांवों, माताओं, बहनों और युवाओं में निहित है : मीनाक्षी लेखी

The strength of our country lies in the simple homes, villages, mothers, sisters and youth of the poor: Meenakshi Lekhi

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28दिसंबर। केंद्रीय विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री  मीनाक्षी लेखी और कौशल विकास एवं उद्यमिता, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा जल शक्ति राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बुधवार को नई दिल्ली के मेहरम नगर में विकसित भारत संकल्प यात्रा-वीबीएसवाई कार्यक्रम में भाग लिया। लेखी ने मेहराम नगर में विकसित भारत संकल्प के प्रशासन की अध्यक्षता की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वीबीएसवाई सरकारी योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाने के मंच का कार्य करती है। अपनी गारंटी को आम आदमी के लिए सुलभ बनाने की प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना सहित कल्याणकारी पहलों का समग्र कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के इस यात्रा के लक्ष्य को रेखांकित किया। पदभार ग्रहण करते समय प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा दिए गए आरंभिक भाषण को याद करते हुए लेखी ने कहा, “मेरी सरकार गरीबों की सहायता, किसानों का उत्थान और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। हमारे राष्ट्र की ताकत गरीबों के सादगीपूर्ण घरों, गांवों और माताओं, बहनों तथा युवाओं में निहित है। यह किसानों में निहित है।”

इस अवसर पर दोनों केंद्रीय मंत्रियों  लेखी और  चंद्रशेखर ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। केंद्रीय मंत्रियों ने कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धि के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह योजना विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान करती है, जिसमें कौशल प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का दैनिक वेतन, 15,000 रुपये के उपकरण और 2,00,000 रुपये तक का ऋण शामिल है। इस तरह से पीएम विश्वकर्मा योजना कुशल कार्यबल के समग्र विकास को सुनिश्चित करती है। केंद्रीय मंत्री ने सामाजिक न्याय के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वचनबद्धता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में हवाई अड्डों की संख्या में तेजी से बढ़ती हुई संख्या भी राष्ट्रीय प्रगति का एक ठोस उदाहरण है। देश में एक दशक से भी कम समय में हवाई अड्डों की संख्या 70 के कम से बढ़कर उन्नतिपूर्ण तरीके से 148 हो गई है। केंद्रीय मंत्री लेखी ने जोर देते हुए कहा कि एक उल्लेखनीय सरकारी पहल मुद्रा ऋण योजना भी रही है, जिसने छोटे पैमाने के लघु-स्तरीय व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक अनगिनत व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय जीवन रेखा के रूप में कार्य किया है। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों के लिए आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काफी सहायता उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि यह पहल व्यक्तिगत एवं सामुदायिक दोनों ही स्तरों पर उद्यमशीलता का सहयोग करने और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबुती प्रदान करती है।

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