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दिल्ली पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों का अध्ययन करने और पाठ्यक्रम सामग्री विकसित करने के लिए बनाया पैनल 

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 3 जनवरी। पुलिस ने तीन नए आपराधिक कानूनों का अध्ययन करने और अपने कर्मियों के लिए अध्ययन सामग्री तैयार करने के मकसद से 14 सदस्यीय समिति का गठन किया है।

अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। तीन कानूनों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है और इस महीने के अंत में इनके अधिसूचित होने की संभावना है।

समिति की अध्यक्षता विशेष पुलिस आयुक्त छाया शर्मा करेंगी और इसमें पुलिस उपायुक्त जॉय टिर्की, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) उमा शंकर, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) हरि सिंह, निरीक्षक राजीव कुमार, राजीव भारद्वाज, नरेश मलिक, देवेंद्र सिंह, अरुण कुमार, सुरेश कुमार, अनिल बेरवाल और संजीव कुमार और दो उप-निरीक्षक सोमवीर और रजनी कांत शामिल हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि शर्मा की अध्यक्षता में समिति को पुलिस बल के जांच अधिकारियों के लिए नए प्रावधानों और प्रक्रियाओं में बदलाव की व्यावहारिक समझ और अध्ययन को लेकर पाठ्यक्रम सामग्री तैयार करनी होगी।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के दो जनवरी के एक आदेश में कहा गया है कि समिति पाठ्यक्रम सामग्री को बेहतर बनाने के लिए वकीलों और सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों को शामिल कर सकती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप है।

आदेश में कहा गया है कि सह-सदस्य बाद में दिल्ली पुलिस कर्मियों के लिए कक्षाएं आयोजित करेंगे और उन्हें बीएनएस, बीएसए और बीएनएसएस के व्यावहारिक अनुप्रयोगों में प्रशिक्षित करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने सेवानिवृत्त एसीपी राजेंद्र सिंह और राम सिंह और आपराधिक वकील रौनक सिंह और अखंड प्रताप सिंह को सह-सदस्य के रूप में नियुक्त किया है।

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