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गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा-पवन कुमार बंसल।

गुस्ताख़ी माफ़ हरियाणा-पवन कुमार बंसल।

एमसीजी गुरुग्राम कमिश्नर, पीसी,मीना, अमित अग्रवाल,और खेतमेल्स मकरंद.

पांडुरंग अतरिक्त प्रमुख सचिव एवं. उप प्रमुख सचिव सी एम के अचानक तबादलों का रहस्य? हरियाणा में आधिकारिक, राजनीतिक और मीडिया हलकों में लाखों डॉलर का सवाल पूछा जा रहा है कि सीएम मनोहर लाल, ने अपने चहेते पीसी, मीना, पांडुरंग और अमित अग्रवालको उनके महत्वपूर्ण कार्यों से क्यों हटा दिया ?अब तक वे आंख और कान थे मनोहर लाल के l

मीना को मनोहर लाल पर इतना भरोसा था कि उन्हें जीएमडीए, गुरुग्राम के सीईओ का भी प्रभार सौंपा गया था। इसी तरह अमित अग्रवाल मनोहर लाल की उपलब्धियों को उजागर करने वाले प्रमुख अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्रों में पेज वन विज्ञापन जारी करके मनोहर लाल की छवि निर्माण का काम संभाल रहे थे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की छवि चमकाने के लिए ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में उपलब्ध हर विशेषण का उपयोग कर रहे थे l

हमारी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है और इसमें एक दमदार मुंबई थ्रिलर के सभी तत्व मौजूद हैं, जिसमें पॉलिटिकल बॉस को मूर्ख बनाने की क्षमता और कला है।

विभिन्न हितधारकों से एकत्रित रिपोर्ट के अनुसार, सीएम अपने चहेते मीना की कार्यशैली से परेशान थे। स्वच्छ और हरा-भरा गुरुग्राम बनाने के अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय वह भव्य जीवन जी रहे थे क्योंकि उन्होंने एमसीजी के कार्यालय के रूप में हाल ही में खाली की गई सेल्स टैक्स बिल्डिंग में एक.मंजिल पर अपना आलीशान दफ्तर बनाया जबकि निगम के मुखिया के पास पहले से ही विशाल कार्यालय है, जिससे राजकोष पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है।

इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक सीएम को उनकी.कुछ चूक की भी जानकारी दी गयी. Iखराब स्वच्छता स्थितियों के अलावा संपत्ति आईडी में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की खबरें थीं। लेकिन मीडिया को संभालने की कला में विशेषज्ञ होने के कारण उन्हें प्रमुख अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्रों में सकारात्मक कवरेज मिलती थी। मनोहर लाल इतने परेशान थे कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनकी.निंदा की और वेतन में.

कटौती का आदेश दिया शहर में खराब स्वच्छता सेवाओं को लेकर lजहां तक ​​​​अमित अग्रवाल की शिफ्टिंग की बात है, तो कुछ खास सामने नहीं आ रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि बॉस कथित तौर पर मीडिया की आलोचना से नाखुश थे और इसके अलावा समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी करने का नियंत्रण भी एक मुद्घा था l पांडुरंगा भी मनोहर लाल के खास थे और अतीत में उन्होंने नगर एवं ग्राम नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विभाग को भी समाहला था।

दुमछला l. इस्तेमाल करो फिर फेंक दो यह मनोहर लाल की खास रणनीति है l कई साल पहले उन्होंने एन सी आर में तेनात एक आई ए एस अफसर से कोई काम करवाया लेकिन जब आलोचना हुई तो जनाब मुकर गए lजनवरी 3, 2024 ,बंसल से pawanbansal २@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है

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