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नियति ने तय किया था कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा , इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमित्त बनाया: लाल कृष्ण आडवाणी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,13 जनवरी। भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने ‘राष्ट्र धर्म’ पत्रिका के अगले हफ्ते प्रकाशित होने जा रहे संस्करण में एक लेख लिखा है, इसमें उन्होंने कहा है कि नियति ने तय किया था कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा और उसने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमित्त बनाया।

राम मंदिर निर्माण पर लाल कृष्ण आडवाणी का लेख
‘राम मंदिर निर्माण, एक दिव्य स्वप्न की पूर्ति’ शीर्षक से लेख में 96 वर्षीय आडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 33 वर्ष पहले निकाली गई ‘रथ यात्रा’ का जिक्र किया और कहा कि उनका मानना है कि उनकी राजनीतिक यात्रा में अयोध्या आंदोलन सबसे निर्णायक एवं परिवर्तनकारी घटना थी, जिसने उन्हें भारत को फिर से खोजने और इस प्रक्रिया में खुद को फिर से समझने का मौका दिया।

आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी को किया याद
राम मंदिर आंदोलन में सबसे आगे रहे भाजपा के इस दिग्गज नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि वह अयोध्या में राम मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले उनकी अनुपस्थिति महसूस कर रहे हैं।

राष्ट्र धर्म पत्रिका में 16 जनवरी को प्रकाशित होगा लेख
76 वर्ष पुरानी हिंदी पत्रिका ‘राष्ट्र धर्म’ के 16 जनवरी को विशेष संस्करण में प्रकाशित होने वाले लेख में आडवाणी ने उल्लेख किया है कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरी रथ यात्रा के दौरान उनके साथ थे। तब वह बहुत प्रसिद्ध नहीं थे, लेकिन उसी समय भगवान राम ने अपने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए अपने भक्त (मोदी) को चुन लिया था। उस समय मुझे लगा कि नियति ने तय कर लिया है कि एक दिन अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर जरूर बनेगा।उन्होंने आगे कहा, ‘खैर, अब यह केवल कुछ समय की बात है।

पीएम मोदी को लेकर क्या बोले आडवाणी?
आडवाणी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंदिर में (भगवान राम की मूर्ति का) अभिषेक करेंगे तो वह भारत के प्रत्येक नागरिक का प्रतिनिधित्व करेंगे। मैं प्रार्थना करता हूं कि यह मंदिर सभी भारतीयों को श्रीराम के गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करे।

उन्होंने कहा कि रथ यात्रा के दौरान कई अनुभव हुए जिन्होंने मेरे जीवन को प्रभावित किया। दूर-दराज के गांवों से लोग रथ को देखने के बाद भावना से अभिभूत होकर मेरे पास आते थे। वे प्रणाम करते थे और भगवान राम का उद्घोष कर चले जाते थे। यह एक संदेश था कि कई लोगों ने राम मंदिर का सपना देखा था.. 22 जनवरी को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के साथ उन ग्रामीणों की दबी हुई इच्छाएं भी पूरी हो जाएंगी।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आडवाणी होंगे शामिल
विश्व हिंदू परिषद के मुताबिक, आडवाणी अयोध्या में प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। सूत्रों ने बताया कि पत्रिका के इस विशेष संस्करण की एक प्रति कार्यक्रम में सभी लोगों के साथ साझा की जाएगी।

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