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अयोध्या के भव्य राम मंदिर में विराजमान हुए रामलला, प्राण प्रतिष्ठा से पहले सामने आई पहली तस्वीर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 19 जनवरी। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर हैं. 22 जनवरी को भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इससे पहले गुरुवार को अयोध्या के भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्रतिमा को स्थापित किया गया. बुधवार देर कड़ी सुरक्षा के बीच तिरपाल से ढके ट्रेक से रामलाला की मूर्ति को रामजन्मभूमि परिसर लाया गया था. इसके बाद मूर्ति को क्रेन की मदद से मंदिर के गर्भगृह में पहुंचाया गया था. इन सबके बीच गर्भगृह में विराजमान रामलला की पहली तस्वीर सामने आ गई है. तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. फिलहाल रामलला की प्रतिमा के मुख और हाथों को पीले और सफेद कपड़ों से ढंका गया है. प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही चेहरे और आंखों से कपड़ा हटाया जाएगा.

अरुण योगीराज ने तैयार की है प्रतिमा
रामलला की इस प्रतिमा को कर्नाटक के मैसुरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने तैयार किया है. अरुण योगीराज ने भगवान राम के 5 साल के बाल स्वरूप को अपनी प्रतिमा में उकेरा है. मूर्ति की लंबाई 51 इंच है, जबकि इसकी ऊंचाई 7 फिट 19 इंच है . मूर्ति का वजन 200-220 किलोग्राम बताया जा रहा है. अरुण योगीराज ने रामलला की इस प्रतिमा को श्यामल रंग के पत्थर से बनाया है. श्याम शिला की उम्र हजारों साल होती है और साथ ही यह जल रोधी होती है.

मंत्रोच्चार के बीच विराजमान हुए रामलला
इससे पहले प्रतिष्ठा समारोह से जुड़े पुजारी अरुण दीक्षित ने बताया कि भगवान राम की मूर्ति को दोपहर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गर्भ गृह में रखा गया. उन्होंने कहा कि ‘प्रधान संकल्प, ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा द्वारा किया गया. दीक्षित ने बताया कि ‘प्रधान संकल्प’ की भावना यह है कि भगवान राम की ‘प्रतिष्ठा’ सभी के कल्याण के लिए, राष्ट्र के कल्याण के लिए, मानवता के कल्याण के लिए और उन लोगों के लिए भी की जा रही है जिन्होंने इस कार्य में अपना योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य अनुष्ठान भी आयोजित किए गए तथा ब्राह्मणों को वस्त्र भी दिए गए. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ‘एक्स’ पर अपनी एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी.

मंदिर ट्रस्ट ने दिया अपडेट
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ट्वीट कर बताया, ‘अयोध्या में जन्म भूमि स्थित राम- मन्दिर में आज दिन में 12:30 बजे के बाद राममूर्ति का प्रवेश हुआ. दोपहर 1:20 बजे यजमान द्वारा ‘प्रधान संकल्प’ होने पर वेदमन्त्रों की ध्वनि से वातावरण मंगलमय हुआ. मूर्ति के जलाधिवास तक के कार्य गुरुवार को संपन्न हुए.’

ट्रस्ट ने इसी पोस्ट में कहा, ‘दिनांक 19 जनवरी शुक्रवार को प्रातः 9 बजे अरणिमन्थन से अग्नि प्रकट होगी. उसके पूर्व गणपति आदि स्थापित देवताओं का पूजन, द्वारपालों द्वारा सभी शाखाओं का वेदपारायण, देवप्रबोधन, औषधाधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास, कुण्डपूजन, पञ्चभूसंस्कार होगा.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे, जिसके अगले दिन मंदिर जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है.

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