गुस्ताखी माफ़ हरियाणा- पवन कुमार बंसल l

तत्कालीन एस डी एम उमाशंकर ने मूटेशन सरकार के नाम किया और प्रशाद ने कलेक्टर के नाते उसका अनुमोदन किया l मंत्री ने मुख्यमंत्री को शिकायत की लेकिन प्रशाद द्वारा असलियत बताने पर मुख्यमंत्री ने प्रशाद की सराहना की ओर अपने मंत्री को लताड़ा l
प्रशाद के ऐसे कई किस्से जहा उन्होंने नेताओं की परवाह नहीं करके कानून के मुताबिक काम किया ” हरियाणा की राजनीति संस्कृति और गवर्नेंस पर मेरी किताब” गुस्ताखी माफ़ हरियाणा” में दिए गए हैं l
दुमछहला जब प्रशाद रोहतक के डिप्टी कमिश्नर थे और उनके पिता जी पंजाब एवम् हरियाणा हाई कोर्ट के जज थे l जब वे चंडीगढ़ से ट्रेन से रोहतक आते तो रोहतक रेलवे स्टेशन से डिप्टी कमिश्नर आवास पर ऑटो में आ जाते थे l