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राहुल गांधी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर PM मोदी पर बोला हमला- BJP का मतलब ‘बेरोज़गारी और बेबसी’

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28 मार्च। भारत में चुनावी माहौल के बीच एक बार फिर बेरोजगारी का मुद्दा चर्चा में है. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) की एक रिपोर्ट में देश के अंदर रोजगार के परिदृश्य को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट में जो बड़ी बात सामने आई है, वह ये है कि भारत में बेरोजगारों की संख्या 83% है. इंडिया एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट 2024 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. इस सिलसिले में उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया है.

देश का युवा बुरी दशा में काम करने को मजबूर
राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा, कल ही मैंने पूछा था कि ‘क्या नरेंद्र मोदी के पास रोज़गार के लिए कोई योजना थी भी? आज ही सरकार का जवाब आया- नहीं. इंडिया एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट 2024 न सिर्फ रोज़गार पर मोदी सरकार की भीषण नाकामी का दस्तावेज है बल्कि कांग्रेस की रोज़गार नीति पर मुहर भी है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल बेरोज़गारों में 83% युवा हैं, या तो उनके पास नौकरी है ही नहीं या वह बहुत ही कम मेहनताने पर बुरी दशा में काम करने को मजबूर हैं. रिपोर्ट कहती है 65% पढ़े लिखे युवा बेरोज़गार हैं- हमारी गारंटी है हम 30 लाख सरकारी पदों को भरेंगे.

बीजेपी का मतलब- बेरोज़गारी और बेबसी
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, रिपोर्ट कहती है स्किल गैप है- हम ‘पहली नौकरी पक्की’ से फ्रेशर्स को स्किल्ड वर्क फोर्स बनाएंगे. रिपोर्ट कहती है नए रोज़गारों का सृजन करना होगा- हमारी ‘युवा रोशनी’ की गारंटी स्टार्ट-अप्स के लिए ₹5000 करोड़ की मदद लेकर आ रही है. रिपोर्ट कहती है श्रमिकों के पास सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित रोज़गार नहीं है- हम श्रमिक न्याय के तहत उनका जीवन बदलने जा रहे हैं. कांग्रेस की नीतियां ही ‘रोज़गार की गारंटी’ हैं यह सरकार की रिपोर्ट से भी साबित हो गया है. बीजेपी का मतलब- बेरोज़गारी और बेबसी, कांग्रेस का मतलब – रोज़गार क्रांति. फर्क साफ है!

भारत में 83% युवा बेरोजगार
बता दें हाल ही में आईएलओ ने इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन डेवलपमेंट (IHD) के साथ मिलकर ‘इंडिया एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट 2024’ जारी की थी. इस रिपोर्ट के हिसाब से अगर भारत में 100 लोग बेरोजगार हैं, तो उसमें से 83 लोग युवा हैं. इसमें भी अधिकतर युवा शिक्षित हैं.

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