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निःसंतान दंपत्ति होते थे बच्चा चोर गिरोह के निशाने पर, बच्चे की उम्र से तय होती थी कीमत

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,06अप्रैल। देश की राजधानी दिल्ली में CBI ने बच्चों की खरीद-बिक्री करने वाले जिस गैंग का भंडाफोड़ किया है उस गैंग को लेकर बहुत अहम खुलासे हुए हैं। ये खुलासे बच्चों की उम्र और कीमत से जुड़े हैं। बताया जाता है कि गैंग के सदस्यों की नजर उन निःसंतान दंपत्तियों पर रहती थी जोकि बच्चे की तलाश में डाक्टरों, दोस्तों के संपर्क में रहते थे और सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डालते थे। इनके माध्यम से गिरोह के सदस्य इनसे संपर्क करते। ये लोग एडॉप्शन का फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर कई दंपतियों से लाखों रुपए की ठगी भी कर चुके हैं।

CBI के मुताबिक, आरोपी ब्लैक मार्केट में सामान की तरह बच्चों का सौदा करते थे। अकेले मार्च में लगभग 10 बच्चे बेचे गए। सर्च ऑपरेशन के दौरान 5.5 लाख कैश, कई दस्तावेज समेत आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। सीबीआई ने जिन बच्चों को रेस्क्यू किया है उनकी उम्र 10 साल से कम है। जांच में ये भी पता चला है कि नवजात बच्चों को को 4 से 5 लाख रुपये तक की ऊंची रकम में बेचा जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक जितनी बच्चे की उम्र कम होती थी उतनी उसकी कीमत अधिक हो जाती थी। आज जो बच्चे बरामद हुई उनमें से एक तो 15 दिन का था।

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