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कनाडाई पुलिस ने 3 भारतीयों को गिरफ्तार किया, खालिस्तान अलगाववादी निज्जर की हत्या का आरोप

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 4मई। कनाडाई पुलिस ने तीन भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि वे पिछले साल खालिस्तान अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए भारत सरकार द्वारा नियुक्त कथित ‘हिट स्क्वाड’ के सदस्य थे. पिछले साल सितंबर में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की “संभावित” संलिप्तता के कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंधों में गंभीर तनाव भी आ गया था.

भारत ने ट्रूडो के आरोपों को “बेतुका” बताकर खारिज कर दिया था. रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के सहायक आयुक्त डेविड टेबौल ने कहा कि सिख कार्यकर्ता निज्जर की हत्या में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर आरोप लगाए गए हैं.

भारत सरकार से संभावित संबंधों की भी तलाश
टोरंटो स्टार अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हत्या के मामले के अलावा, अलग-अलग जांच भारत सरकार से संभावित संबंधों की भी तलाश कर रही है. सीटीवी न्यूज ने बताया कि तेबौल ने जोर देकर कहा कि हत्या की “बहुत सक्रिय जांच चल रही है”. समाचार चैनल ने उनके हवाले से कहा, “इन मामलों में अलग-अलग और विशिष्ट जांच चल रही है, जो निश्चित रूप से आज गिरफ्तार किए गए लोगों की संलिप्तता तक सीमित नहीं है और इन प्रयासों में भारत सरकार से कनेक्शन की जांच भी शामिल है.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, मंदीप मुकर ने कहा कि निज्जर की मौत की जांच से पहले संदिग्धों को “पुलिस को नहीं पता था”. मंदीप Integrated Homicide Investigation टीम को लीड करते हैं. संदिग्धों की पहचान करण बराड़, करणप्रीत सिंह और कमलप्रीत सिंह के रूप में की है, ये सभी 20 साल के आसपास के हैं, जिन्हें शुक्रवार को एडमॉन्टन में गिरफ्तार किया गया था.ये तीनों भारतीय नागरिक हैं और पिछले तीन से पांच साल से कनाडा में अस्थायी निवासी के रूप में रह रहे हैं.

जांच सिख समुदाय के समर्थन पर निर्भर
मंदीप ने कहा कि भारत के साथ समन्वय ‘पिछले कई वर्षों से चुनौतीपूर्ण और कठिन’ रहा है. उनकी जांच सिख समुदाय के समर्थन पर निर्भर है. इस जांच के लिए जानकारी के साथ आगे आने वाले सिख समुदाय की बहादुरी और साहस के बिना हम इस बिंदु पर नहीं होते. उनका मानना ​​है कि वे भविष्य में किसी भी जांच के लिए आगे आते रहेंगे.

अदालत के दस्तावेजों से पता चलता है कि करणप्रीत सिंह, कमलप्रीत सिंह और करण बराड़ पर निज्जर की मौत के मामले में प्रथम श्रेणी की हत्या का एक मामला और हत्या की साजिश का एक मामला चल रहा है.

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