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ट्राई के नाम पर हो रही धोखाधड़ी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 7 जून। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि नागरिकों को धोखाधड़ी वाले व्हाट्सएप संदेश, एसएमएस और वॉयस कॉल भेजे जा रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे ट्राई से हैं। अपराधी जाली नोटिस का उपयोग कर रहे हैं, जो ट्राई के वरिष्ठ अधिकारियों की और से भेजे गए आधिकारिक संचार जैसा दिखता है।

ये नोटिस प्राप्तकर्ता के मोबाइल नंबर से जुड़ी अवैध गतिविधि का झूठा आरोप लगाते हैं और उन्हें कानून प्रवर्तन से संपर्क करने का दबाव डालते हैं या फिर सेवा बंद करने की धमकी देते हैं। नागरिकों को यह भी धमकी दी जाती है कि अगर वे नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो मोबाइल नंबर काट दिए जाएंगे। कई बार, ये अपराधी लोगों को मैलवेयर इंस्टॉल करने या फ़िशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं ताकि उनके साथ वो धोखाधड़ी कर सकें।

इस पर ट्राई ने लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि ट्राई मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट करने के बारे में संदेशों या आधिकारिक नोटिस के माध्यम से कोई बात शुरू नहीं करता है। ट्राई ने किसी भी तीसरे पक्ष की एजेंसी को ऐसे उद्देश्यों के लिए ग्राहकों से संपर्क करने के लिए अधिकृत नहीं किया है। इसलिए, ट्राई से होने का दावा करने वाले और मोबाइल नंबर डिस्कनेक्ट करने की धमकी देने वाले किसी भी प्रकार के संचार (कॉल, संदेश या नोटिस) को संभावित धोखाधड़ी का प्रयास माना जाना चाहिए।

साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए, नागरिकों को दूरसंचार विभाग के संचार साथी प्लेटफॉर्म पर चक्षु सुविधा के माध्यम से संदिग्ध धोखाधड़ी वाले संचार की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म को https://sancharsaathi.gov.in/sfc/ पर एक्सेस किया जा सकता है। साइबर अपराध के पुष्ट मामलों के लिए, पीड़ितों को निर्दिष्ट साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर या आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in/ के माध्यम से घटना की रिपोर्ट करनी चाहिए।

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