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मोदी 3.0 का असर: Fitch ने बढ़ाया ग्रोथ अनुमान, भारत के विकास पर रेटिंग एजेंसी का बढ़ा भरोसा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24जून। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) भारत की जीडीपी ग्रोथ को 7 फीसदी से बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया है।

◆ G7 पर भारत भारी, हमारी GDP ग्रोथ रेट सभी G7 देशों से 4.6 गुना ज़्यादा
◆ मोदी मैजिक के दम पर दौड़ती रहेगी अर्थव्यवस्था, मूडीज ने भारतीय तरक्की को बताया ‘सबसे तेज’
◆ FPI का बदला मूड, पिछले हप्ते विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 11730 करोड़ रुपए डाले
■ G7 के सभी देशों की GDP ग्रोथ रेट पर गौर किया जाए, तो मिलकर भी यह सिर्फ 1.7% ही है। वहीं अकेले भारत की GDP ग्रोथ रेट पर गौर किया जाए, तो यह 7.8% है।

G7 दुनिया की 7 उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का एक ग्रुप है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान इसके सदस्य हैं। पर बात अर्थव्यवस्था में ग्रोथ यानी कि वृद्धि को करें, तो भारत इस मामले में G7 देशों से आगे है।

■ G7 देशों के ग्रुप में शामिल सभी देशों की अर्थव्यवस्था दुनिया की टॉप 10 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। भारत की अर्थव्यवस्था भी दुनिया की टॉप 10 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
■ साल 2023 में जापान के हिरोशिया में जी7 मीट हुई थी, जिसमें भारत इनवाइटेड था. इससे पहले 2019 में फ्रांस ने भी हमें बुलाया, और अमेरिका भी आमंत्रित कर चुका.
■ ऐसा ज्यादातर मौकों पर हो रहा है कि बेहद अहम कहलाने वाली जी7 बैठक में मेजबान देश भारत को भी गेस्ट की तरह बुलाते हैं. ये बात अलग है कि हमारा देश अब भी जी7 के गुट में नहीं आ सका.
■ जी7 भले ही दुनिया की सबसे उन्नत इकनॉमीज का गुट माना जाता रहा लेकिन ये पुराने समय की बात है. फिलहाल हमारी जीडीपी ढाई ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा के साथ तीन जी7 देशों- कनाडा, फ्रांस और इटली की संयुक्त जीडीपी से ज्यादा है.
■ वेस्ट में जहां इकनॉमिक ग्रोथ की संभावना ठहर चुकी, वहीं भारत में ये लगातार ऊपर जा रहा है. यही वजह है कि जी7 देश इसे अपने से जोड़े रखना चाहते हैं.

बीते कुछ सालों में ये देश जी7 का स्थाई गेस्ट बन चुका है. फिलहाल यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल जैसे शक्तिशाली संगठन की भी ताकत उतनी नहीं रही. ऐसे में जी7 से काफी उम्मीद की जा रही है, लेकिन भारत जैसे देश को बाहर रखकर ये संभव नहीं. यही वजह है कि यूएनएससी की तरह ही बार-बार इस गुट में भी भारत की सदस्यता की चर्चा छिड़ रही है.

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