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डीएफएस सचिव डॉ. विवेक जोशी ने निजी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘वित्तीय समावेशन योजनाओं’ की प्रगति पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10जुलाई। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव डॉ. विवेक जोशी ने आज नई दिल्ली में निजी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा और जन समर्थ पोर्टल सहित वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति और कार्य- प्रदर्शन पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान डॉ. जोशी ने प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई), स्टैंड अप इंडिया, पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि), पीएम विश्वकर्मा सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैंकिंग सेवाओं से रहित गांवों में बैंकों की शाखाएं खोलने और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) की तैनाती में अब तक हुई प्रगति की भी समीक्षा की।

डॉ. जोशी ने सरकार की विभिन्न प्रमुख योजनाओं के माध्यम से देश में सामाजिक सुरक्षा के विस्तार और वित्तीय समावेशन का दायरा बढ़ाने में अब तक हुई व्‍यापक प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए निजी बैंकों द्वारा अब तक की गई प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और उनसे वित्तीय समावेशन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने का अनुरोध किया।

डॉ. जोशी ने निजी बैंकों से समाज के हाशिए पर पड़े तबकों को सेवा मुहैया कराने और उनकी बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने पर अधिक जोर देने का आह्वान किया। इस दौरान जन समर्थ पोर्टल की विशेषताओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई जिसमें डॉ. जोशी ने जन समर्थ पोर्टल के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला, जो दरअसल सरकार की क्रेडिट-लिंक्ड योजनाओं की जानकारी एक ही प्‍लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध कराता है। इस प्‍लेटफॉर्म पर ग्राहकों को बेहतर अनुभव होता है और इसके साथ ही यह प्‍लेटफॉर्म ग्राहकों को हासिल करने में बैंकों की सहायता करता है।

इस बैठक के दौरान डॉ. जोशी ने अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी वित्तीय सेवाएं मुहैया कराने में वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों के महत्व पर विशेष जोर दिया और इसके साथ ही बैंकों से वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने का भी आह्वान किया, ताकि जन सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं के बारे में समाज के विभिन्न तबकों के बीच जागरूकता बढ़ाई जा सके।

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