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भारत के संविधान के पहले संस्करण की कॉपी की 48 लाख में हुई नीलामी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 31 जुलाई। भारत के संविधान का पहला संस्करण, जिसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज माना जाता है, मंगलवार (30 जुलाई) को 48 लाख रुपये में नीलाम किया गया है। 1950 में तैयार हुए इस संस्करण में संविधान निर्माताओं के हस्ताक्षर, प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा लिखे गए सुलेख, और नंदलाल बोस द्वारा बनाए गए चित्र शामिल हैं।

मंगलवार को सैफरनआर्ट द्वारा की गई नीलामी में भारत की विरासत से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। इनमें कई दस्तावेजों की नीलामी हुई, और संविधान की यह प्रति एक प्रमुख आकर्षण बन गई थी।

इस संविधान की प्रति को संसद में वर्षों से संभालकर रखा गया था और इसे विशेष तरीके से सुरक्षित रखा गया था। मंगलवार को हुई नीलामी में कई अन्य पुरानी चीजों की भी बिक्री की गई। संविधान की इस प्रति को बनाने में लगभग छह महीने का समय लगा था। वहीं, संविधान के निर्माण में चार साल का समय लगा था। इस प्रति को बनाने वाले प्रेम बिहारी नारायण रायजादा को 4000 रुपये मिले थे। इसके बाद नंदलाल बोस ने इसमें चित्रकारी की, और उन्हें इस काम के लिए 21,000 रुपये का भुगतान किया गया था।

संविधान की प्रति में निर्माताओं के पेंटेड हस्ताक्षर
संविधान की पहली प्रति में संविधान निर्माताओं के पेंटेड हस्ताक्षर हैं। इसमें प्रेम बिहारी नारायण रायजादा द्वारा की गई सुलेखन और प्रख्यात आधुनिक कलाकार नंदलाल बोस द्वारा की गई चित्रकारी भी शामिल है। 24 से 26 जुलाई की तीन दिवसीय ऑनलाइन नीलामी में संविधान की पहली प्रति की बिक्री की गई। इस नीलामी में भारतीय इतिहास, कला, साहित्य, तथा फोटोग्राफी से संबंधित सदियों पुरानी वस्तुएं भी शामिल थीं।

इस नीलामी को लेकर सैफरनआर्ट के सह-संस्थापक मीनल वजीरानी ने कहा कि प्रत्येक भाग भारत की विरासत के दस्तावेज के रूप में बहुत अधिक ऐतिहासिक महत्व रखता है। अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान के ब्लूप्रिंट पर 1946 की संविधान सभा के 284 सदस्यों के हाथ के निशान हैं, जिनमें लेखिका कमला चौधरी के हिंदी हस्ताक्षर और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अंग्रेजी हस्ताक्षर शामिल हैं।

यह नीलामी भारतीय विरासत के प्रति लोगों की जागरूकता और महत्व को दर्शाती है। इसके माध्यम से भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण पलों को फिर से जीवंत करने का अवसर मिला है।

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