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भारतीय रेलवे: यात्री यातायात में उतार-चढ़ाव और नई सेवाओं की शुरुआत

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1अगस्त। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 से 2024 तक यात्री यातायात में बहुत अधिक अंतर देखा गया। हालांकि, भारतीय रेलवे (आईआर) विभिन्न प्रकार की नियमित समय-सारिणी वाली ट्रेनें चलाता है, जैसे उपनगरीय, छोटी दूरी की यात्री ट्रेनें, और लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ट्रेनें, जो यात्रियों के विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग संरचना के साथ संचालित होती हैं।

मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की संरचना:
मौजूदा नीति के अनुसार, 22 कोच वाली ट्रेन में 12 (बारह) सामान्य श्रेणी और स्लीपर श्रेणी के गैर-एसी कोच और 08 (आठ) एसी कोच की व्यवस्था होती है, जिससे सामान्य और गैर-एसी स्लीपर कोच का उपयोग करने वाले यात्रियों के लिए अधिक सुविधा उपलब्ध होती है। वर्तमान में ट्रेन सेवाओं के संचालन के लिए उपयोग किए जा रहे कुल कोचों में से दो-तिहाई गैर-एसी और एक-तिहाई एसी प्रकार के हैं।

अमृत भारत सेवाएं:
इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे ने अमृत भारत सेवाओं का संचालन भी शुरू किया है, जो पूरी तरह से गैर-एसी ट्रेनें हैं और यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करती हैं।

त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनें:
भारतीय रेलवे त्योहारों, छुट्टियों आदि के दौरान विशेष ट्रेनें चलाकर यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा प्रदान करने का निरंतर प्रयास करता है। 2023 के दौरान, 527 होली स्पेशल, 6369 ग्रीष्मकालीन स्पेशल और 4480 छठ/दिवाली स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इसके अलावा, अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए, स्थायी और अस्थायी दोनों आधार पर ट्रेनों की संख्या में वृद्धि की जाती है।

अधिक कोच निर्माण की योजना:

बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, भारतीय रेलवे ने जनरल क्लास और स्लीपर क्लास कोच सहित 10,000 नॉन-एसी कोच बनाने की योजना बनाई है।

यह जानकारी रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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