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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आयोजित किया हितधारकों की सलाहकार समितियों के साथ परामर्श बैठक का दूसरा दौर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समावेशी और सहयोगात्मक नीति निर्णय-निर्माण को बढ़ावा देने के विजन के अनुरूप, संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने संचार राज्य मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर पेम्मासानी के साथ हितधारक सलाहकार समितियों (एसएसी) के साथ बैठक का दूसरा दौर शुरू किया।

उपग्रह संचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक
हाल ही में आयोजित इस बैठक में उपग्रह संचार और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के साथ जुड़ी एसएसी के साथ विस्तृत चर्चाएँ की गईं। बैठक में वर्तमान नियामक प्रावधानों और डिजिटल रूप से जुड़े भारत के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के निर्बाध अपनाने और सुविधा के बारे में खास तौर पर विचार-विमर्श हुआ। यह पहल भारत के दूरसंचार इकोसिस्टम के भविष्य के विस्तार और उसके आकार देने में उद्योग के नेताओं को शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इंटरनेट और अवसंरचना प्रदाताओं पर चर्चा
इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और अवसंरचना प्रदाताओं पर बनी सलाहकार समिति ने राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) प्रक्रियाओं में हालिया प्रगति की सराहना की। उन्होंने एकीकृत शासन और राज्य सरकारों तथा स्थानीय नगर निकायों से अधिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। दूरसंचार सचिव ने नए दूरसंचार अधिनियम के तहत नए नियमों को उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए आश्वासन दिया और उद्योग के हितधारकों को आरओडब्ल्यू नियमों पर प्रतिक्रिया देकर सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

उपग्रह संचार पर एसएसी के सुझाव
उपग्रह संचार पर बनी सलाहकार समिति ने भारतीय अंतरिक्ष नीति, स्पेक्ट्रम आवंटन और एसयूसी पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने उपग्रह संचार के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के विभिन्न सुझाव दिए। समिति ने नए दूरसंचार अधिनियम में प्रमुख प्रावधानों को शामिल करने के लिए मंत्रालय की सराहना की और कहा कि ये परिवर्तन स्पेक्ट्रम उपयोग को अधिक लचीला, उदारीकृत और तकनीकी रूप से तटस्थ बनाकर भारत के दूरसंचार ढांचे को आधुनिक बनाने में सहायक होंगे।

दूरसंचार विभाग की नई पहल
दूरसंचार क्षेत्र के विकास और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार विभाग को विभिन्न मामलों पर बहुमूल्य जानकारी प्रदान करने के लिए छह अलग-अलग हितधारक सलाहकार समितियों (एसएसी) का गठन किया। ये समितियाँ निम्नलिखित हैं:

दूरसंचार सेवा प्रदाता
इंटरनेट सेवा प्रदाता और बुनियादी ढांचा प्रदाता
दूरसंचार क्षेत्र के मूल उपकरण निर्माता (ओईएम)
दूरसंचार इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम
उपग्रह संचार इकोसिस्‍टम
दूरसंचार क्षेत्र में शिक्षाविद और अनुसंधान एवं विकास

भविष्य की योजनाएं और सहयोग का महत्व
दूरसंचार विभाग इन चर्चाओं से गति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और बैठकों के दौरान प्राप्त अभिज्ञान पर सक्रिय रूप से काम करेगा। विभाग का लक्ष्य सिफारिशों को लागू करना और दूरसंचार क्षेत्र के विकास के लिए एक उत्पादक और नवाचारी वातावरण को बढ़ावा देना है। इस परामर्श प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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