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अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्तीकरण के पांच साल: अमित शाह ने बताया कैसे यह फैसला सशक्तिकरण और लोकतंत्र की दिशा में बना मील का पत्थर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 6अगस्त। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्तीकरण ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करते हुए हाशिये पर पड़े वर्गों के सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत की है। इस निर्णय ने क्षेत्र के विकास में नए आयाम जोड़े हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बड़ा परिवर्तन
अमित शाह ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने के ऐतिहासिक निर्णय के आज पांच साल पूरे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है, जिसने क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक संरचना में सकारात्मक बदलाव लाए हैं।

मार्जिनलाइज्ड वर्गों का सशक्तिकरण
अमित शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि इस परिवर्तनकारी निर्णय ने मार्जिनलाइज्ड वर्गों के सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत की है। इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को समान अधिकार और अवसर प्राप्त हुए हैं, जो कि पहले अनुच्छेद 370 और 35ए की बाधाओं के कारण संभव नहीं था। इससे क्षेत्र के विकास की दिशा में नए रास्ते खुले हैं और समाज के सभी वर्गों को मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिला है।

युवाओं की भूमिका और सांस्कृतिक पुनरुत्थान
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि इस निर्णय ने क्षेत्र के युवाओं को सामाजिक-आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पुनरुत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, और अन्य क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनरुत्थान ने भी रफ्तार पकड़ी है, जिससे स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिला है।

शांति और विकास के प्रयास
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के प्रयासों से शांति और व्यापक विकास को बढ़ावा मिला है। इससे क्षेत्र में निवेश और उद्योगों की स्थापना को भी गति मिली है, जिससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इस निर्णय ने न केवल राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया है, बल्कि क्षेत्रीय विकास के नए मानक भी स्थापित किए हैं।

प्रधानमंत्री को धन्यवाद और भविष्य की प्रतिबद्धता
अमित शाह ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और क्षेत्र की आकांक्षाओं और परिवर्तनकारी प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए अपने समर्पण को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल वर्तमान में बल्कि आने वाले समय में भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अमित शाह ने कहा, “हम मोदी जी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद देते हैं और हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के साथ खड़े हैं, ताकि क्षेत्र की आकांक्षाओं और प्रगति को आगे बढ़ाया जा सके।”

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